जमशेदपुर : टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) टिनप्लेट के अंतर्गत कार्यरत डॉ. टी. सी. जॉन मेमोरियल ट्रस्ट के कर्मचारियों को अचानक काम से बैठाने (छंटनी करने) के नोटिस के खिलाफ मजदूरों में भारी आक्रोश है। प्रबंधन के इस तानाशाही रवैए के खिलाफ कर्मचारियों ने आगामी 27 मई 2026 (दिन: बुधवार) से टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) के मुख्य गेट के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।



मामले की मुख्य बिंदु:
- 25 वर्षों की निरंतर सेवा: वर्तमान में TMH टिनप्लेट अस्पताल में फार्मासिस्ट, एम्बुलेंस चालक और साफ-सफाई (सैनिटेशन) कार्य में लगभग 51 कर्मचारी पिछले 25 वर्षों से लगातार अपनी सेवा देते आ रहे हैं। यह सभी कार्य पूरी तरह से स्थाई प्रकृति के हैं।
- अधिग्रहण के बाद संकट: इस अस्पताल में मुख्य रूप से टिनप्लेट कारखाना के स्थाई मजदूरों और उनके परिवारों का इलाज होता है। जब से टाटा मैन हॉस्पिटल (TMH) ने इस टिनप्लेट अस्पताल का अधिग्रहण किया है, तब से प्रबंधन द्वारा इन पुराने कर्मचारियों को काम से बाहर निकालने की नीति अपनाई जा रही है।
- कागजी हेरफेर का आरोप: कर्मचारियों का कहना है कि टिनप्लेट अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें ‘डॉ. टी. सी. जॉन ट्रस्ट’ नामक संस्था के तहत काम पर रखा था। हमारे पास पुख्ता प्रमाण हैं कि लंबे समय तक हमारी उपस्थिति टिनप्लेट अस्पताल प्रबंधन के मुख्य रजिस्टर में दर्ज की जाती थी। परंतु, बाद में अचानक प्रबंधन ने चालाकी से हमारी दैनिक उपस्थिति डॉ. टी. सी. जॉन के रजिस्टर में दर्ज करना शुरू कर दिया, जबकि वास्तव में हम टिनप्लेट हॉस्पिटल के ही स्थाई कर्मचारी हैं।
उपश्रमायुक्त के पास लंबित है मामला, फिर भी नोटिस देना गैरकानूनी:
जब प्रबंधन ने हमें हटाने की प्रक्रिया शुरू की, तब हमने TMH के महाप्रबंधक (GM) को पत्र लिखकर इस गलत कार्रवाई को रोकने का अनुरोध किया था। इसकी एक प्रति जमशेदपुर उपश्रमायुक्त (DLC) महोदय को भी सौंपी गई थी। वर्तमान में यह मामला उपश्रमायुक्त के पास विचाराधीन (Sub-judice) है। ऐसी स्थिति में, श्रम कानूनों को ताक पर रखकर कर्मचारियों को छंटनी का नोटिस दिया जाना पूरी तरह से गैरकानूनी और अमानवीय है।
“जीवन-मरण की लड़ाई”
मजदूरों ने स्पष्ट किया है कि यह उनके जीवन और मरण की लड़ाई है। जीवन का एक लंबा हिस्सा (25 वर्ष) अस्पताल की सेवा में बिताने के बाद, इस उम्र में काम से हटा दिए जाने पर 51 कर्मचारियों के परिवार पूरी तरह से बेसहारा और भुखमरी की कगार पर आ जाएंगे। ऐसी विषम परिस्थिति में यदि प्रबंधन के इस फैसले से किसी कर्मचारी के साथ कोई अनहोनी होती है या कोई आत्मघाती कदम उठाने को विवश होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी।
कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और छंटनी का नोटिस वापस नहीं लिया जाता, तब तक बुधवार (27/05/2026) से TMH गेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।



