जमुई/सिमुलतला : बिहार के जमुई जिले के प्रसिद्ध सिमुलतला स्थित सेवा धाम आश्रम में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज और जमुई सांसद अरुण भारती के सुरक्षाकर्मियों (अंगरक्षकों) के बीच हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की नौबत आ गई।

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज आश्रम में एक धार्मिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने पहुंचे थे। उसी समय जमुई के नवनिर्वाचित सांसद अरुण भारती भी वहां मौजूद थे। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में प्रवेश और सुरक्षा प्रोटोकॉल (घेरे) को लेकर दोनों पक्षों के अंगरक्षक आपस में भिड़ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस की शुरुआत मामूली बात से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते दोनों ओर के सुरक्षाकर्मी एक-दूसरे पर हावी होने लगे। इस हंगामे के कारण आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं और समर्थकों के बीच काफी देर तक दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
स्वामी कैलाशानंद ने जताई नाराजगी
इस अप्रिय घटना के बाद स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए इसे सेवा धाम जैसे पवित्र स्थान की मर्यादा के खिलाफ बताया। वहीं, सांसद अरुण भारती के खेमे की ओर से स्थिति को संभालने की कोशिश की गई, लेकिन विवाद की चर्चा पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई।
प्रशासनिक दखल
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और मामले को शांत कराया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एक आध्यात्मिक गुरु और एक बड़े जनप्रतिनिधि के सुरक्षा घेरे के बीच हुई इस भिड़ंत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
