- हंगामे के बीच मनरेगा से जुड़ा वीबी-जी राम-जी विधेयक पेश
नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के विरोध के बीच ‘मनरेगा’ में बदलाव से जुड़ा ‘वीबी-जी-राम-जी’ विधेयक पेश किया। विपक्ष के इस बिल के खिलाफ सदन के बाहर भी पघदर्शन किया। केंद्रीय मंत्री ने सदन में बिल पेश करते हुए कहा कि यह बिल विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विजन के साथ जुड़ा एक ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करेगा। इसमें हर वित्त वर्ष में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। इसके लिए 1,51,282 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है।

विपक्ष का विरोध : बिल से महात्मा
गांधी का नाम हटाने पर आपत्ति जताते हुए विपक्ष ने विरोध किया। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने विधेयक को वापस लेकर व्यापक चर्चा के लिए स्थायी समिति को भेजने का अनुरोध किया। यही मांग एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले और कुछ अन्य सदस्यों ने भी की। वहीं तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय
ने कहा कि भगवान राम देश के लिए आदरणीय हैं लेकिन महात्मा गांधी का नाम योजना से जुड़ा होना ज्यादा प्रासंगिक होगा। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून को खत्म करने की कोशिश महात्मा गांधी के विचारों का सीधा अपमान है। सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महात्मा गांधी के विचारों और गरीबों के अधिकारों से समस्या है। उन्होंने लिखा कि नया बिल गरीब ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर हमला है।
नया बिल मनरेगा को केंद्र के नियंत्रण का औजार बना देगा। इसमें बजट और नियम केंद्र तय करेगा। राज्यों पर 40 प्रतिशत बोझ डाला जायेगा। पैसा खत्म होने या फसल के मौसम में मजदूरों को महीनों तक काम नहीं मिलेगा। राहुल गांधी, कांग्रेस नेता
महात्मा गाँधी तो दिल मे बसते हैँ मंत्री
चौहान ने कहा कि महात्मा गांधी तो देशवासियों के दिलों में बसते हैं। उन्होंने एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय के कल्याण की सोच दी थी। उन्होंने विपक्ष से पूछा कि क्या जवाहर रोजगार योजना का नाम बदलने से पंडित जवाहर लाल नेहरू के साथ अन्याय
था। इसमें ग्राम विकास को प्राथमिकता दी गयी है और 95 हजार करोड़ रुपये केन्द्र से खर्च किए जाएंगे। कम विकसित पंचायतों को अधिक काम मिलेगा। कृषि कार्यों के लिए विशेष फंड दिया गया है। इसी बीच संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देशहित में जो बिल होगा उसे पारित करके रहेंगे।
