नई दिल्ली : ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध एशमोलियन म्यूजियम ने 16वीं सदी की एक ऐतिहासिक कांस्य प्रतिमा भारत को वापस सौंप दी है। यह करीब 500 साल पुरानी मूर्ति वैष्णव संत तिरुमंगई अलवर की बताई जा रही है। यह अनमोल प्रतिमा मूल रूप से तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के थाडिकोम्बु स्थित श्री सौंदरराजा पेरुमल मंदिर की है। बताया जाता है कि यह मूर्ति मंदिर से चोरी हो गई थी और बाद में विदेश पहुंच गई।
एशमोलियन म्यूजियम ने इस प्रतिमा को 1967 में एक नीलामी के जरिए खरीदा था, लेकिन बाद में हुई जांच में पता चला कि यह प्रतिमा मंदिर से चोरी की गई थी। इसके बाद संग्रहालय ने नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए इसे भारत को लौटाने का फैसला किया।इस कदम को भारत की सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
