नई दिल्ली : राजधानी की दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस की साइबर टीम ने एक ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर छेड़छाड़ के मामले में 37 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पूर्व महिला कर्मचारी की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए इंस्टाग्राम पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाई थी, जिसके ज़रिए वह उसे बदनाम कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया है।

उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि यह मामला 23 सितंबर 2025 का है, जब पीड़िता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी फोटो का इस्तेमाल करते हुए एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया है। उस अकाउंट से आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट डाली जा रही थीं, साथ ही उसके दोस्तों और फॉलोअर्स को फॉलो रिक्वेस्ट भेजी जा रही थी। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से आवश्यक जानकारी जुटाई और लोकेशन ट्रेस करते हुए पता लगाया कि अकाउंट हरियाणा के आईएमटी मानेसर इलाके से संचालित हो रहा है। एसआई प्रियंका, एचसी रीना कुमारी और एचसी जयप्रकाश की टीम ने इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व और एसीपी विजय पाल सिंह तोमर के पर्यवेक्षण में लगातार छापेमारी की। आखिरकार 27 अक्टूबर को आरोपी मोहम्मद शाहिद को मानेसर से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध कबूल करते हुए बताया कि वह मानेसर की एक छोटी फैक्ट्री में काम करता है, जहां पीड़िता भी पहले काम करती थी। पैसे के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद उसने बदला लेने की नीयत से महिला की पुरानी तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी अकाउंट बनाया और उस पर अभद्र व अपमानजनक सामग्री डाली।
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है और उसके डिजिटल उपकरणों की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी अन्य समान अपराध में तो शामिल नहीं है। उपायुक्त ने कहा है कि यह गिरफ्तारी महिलाओं की साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस की प्रतिबद्धता का उदाहरण है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
