मुंबई : छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर मुंबई कस्टम्स अधिकारियों ने एक बड़ी कार्रवाई में बैंकॉक से आ रहे यात्री (Flight VZ 760) के साथ छापामारी की, जिसमें जंगली जीवों की तस्करी का मामला सामने आया। जांच में यह सामने आया कि यात्री ने ट्रॉली बैग में कई जंगली प्रजातियों को छिपाया हुआ था, जिनमें साँप, कछुए, छिपकली और रैकून शामिल थे। कुल 151 जानवर बरामद किए गए। मुंबई कस्टम्स अधिकारियों ने बताया कि यह मामला केवल कानूनी उल्लंघन ही नहीं बल्कि वन्यजीवों और जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अवैध तस्करी से प्राकृतिक संसाधनों और जंगली प्रजातियों के संरक्षण पर गहरा असर पड़ता है।

















































यात्री को कस्टम्स एक्ट, 1962 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और पूछताछ जारी रखे हुए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह केवल व्यक्तिगत प्रयास था या इसके पीछे एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क कार्यरत है। कस्टम्स अधिकारियों ने कहा कि पकड़े गए जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। उनके लिए पुनर्वास और संरक्षण के उपाय किए जाएंगे। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जानवरों की स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षा बनी रहे।
विशेषज्ञों ने कहा कि जंगली जानवरों की अवैध तस्करी वैश्विक स्तर पर एक गंभीर समस्या है। यह न केवल प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाता है बल्कि कई बार पशु और मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से साँप, कछुए और रैकून जैसी प्रजातियां अवैध व्यापार में अक्सर शामिल रहती हैं। मुंबई कस्टम्स ने इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता बताया। अधिकारियों ने कहा कि एयरपोर्ट पर विशेष जांच टीमें और निगरानी उपाय तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को रोका जा सके। कस्टम्स ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अवैध वन्यजीव गतिविधि में शामिल न हों और ऐसे मामलों की सूचना तुरंत कस्टम्स या संबंधित अधिकारियों को दें। उन्होंने कहा कि अवैध तस्करी में शामिल व्यक्ति गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करेंगे, और इसके तहत जेल या भारी जुर्माने की संभावना है।
कस्टम्स अधिकारियों ने बताया कि यात्री के पास पाए गए उपकरण और बैग की फोरेंसिक जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जंगली जानवरों की तस्करी का नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ है। इस कार्रवाई से यह भी साफ संदेश गया कि भारत में वन्यजीव संरक्षण कानूनों का सख्ती से पालन किया जाएगा। सरकारी सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए जानवरों को पुनर्वास केंद्रों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दौरान उनकी स्वास्थ्य जांच और उचित देखभाल की जाएगी। कस्टम्स अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि इस तरह की तस्करी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती है। अक्सर यह जाल विदेशों में विकसित किया जाता है और भारतीय तस्करों के माध्यम से अवैध व्यापार किया जाता है। इस कारण सुरक्षा एजेंसियों और कस्टम्स के बीच सहयोग और नियमित छापामारी जरूरी है। कस्टम्स ने बताया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जांच और निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा, साथ ही जनता को जागरूक किया जाएगा कि किसी भी अवैध गतिविधि में न फंसें। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और अवैध तस्करी के खिलाफ संदेश भी है। इस मामले को लेकर वन्यजीव संरक्षण संस्थाएं और विशेषज्ञ भी सक्रिय हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अवैध तस्करी न केवल जानवरों के जीवन के लिए खतरा है, बल्कि जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने आम जनता और यात्रियों से आग्रह किया कि वे इस तरह की गतिविधियों में शामिल न हों। मुंबई कस्टम्स की यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण और कानून व्यवस्था में कड़े कदम के रूप में देखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, और इसके लिए एयरपोर्ट और अन्य सीमावर्ती स्थानों पर सतर्कता बढ़ाई जाएगी।


