ओडिशा में एक सरकारी रेसिडेंशियल स्कूल की 10वीं क्लास की एक आदिवासी छात्रा ने छात्रावास परिसर में शिशु को जन्म दिया था.
मलकानगिरी : ओडिशा के मलकानगिरी जिले के चित्रकोंडा में 24 फरवरी को कक्षा 10वीं की छात्रा के सरकारी बालिका उच्च विद्यालय के छात्रावास परिसर में बच्चे को जन्म दिए जाने के मामले पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. बता दें कि, चित्रकोंडा में एससी और एसटी के छात्रों के लिए संचालित सरकारी स्कूल से यह बड़ा मामला सामने आया है. जिला प्रशासन ने सोमवार को इस पर कार्रवाई करते हुए लेडी मैट्रन सुचित्रा चर्ची को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. वहीं, सहायक नर्सिंग मिडवाइफरी (एएनएम) कबिता कुमारी पात्रा को निलंबित कर दिया गया है. दूसरी ओर, जिला कल्याण अधिकारी (डीडब्ल्यूओ) श्रीनिवास आचार्य ने मीडिया को बताया कि प्रधानाध्यापक अजीत कुमार मडकामी के निलंबन की अनुशंसा सरकार से की गई है.
मलकानगिरी डीडब्ल्यूओ श्रीनिवास आचार्य के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली थी कि, 24 फरवरी को कक्षा 10 की छात्रा ने सरकारी बालिका उच्च विद्यालय के छात्रावास परिसर में बच्चे को जन्म दिया था. स्थानीय पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंची. लड़की को तुरंत चित्रकोंडा सीएचसी में भर्ती कराया गया. बाद में उसे मलकानगिरी जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर कर दिया गया. खबर के मुताबिक, मां और बच्चा दोनों सुरक्षित है.
आरोपी हिरासत में
मलकानगिरी डीडब्लूओ ने यह भी कहा, “चित्रकोंडा पुलिस ने एक आरोपी को भी हिरासत में लिया है. पुलिस उसके खिलाफ पोक्सो मामले में कार्रवाई करेगी. जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर जिला जांच समिति मौके पर गई थी. समिति ने मेट्रन के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है. जिला मजिस्ट्रेट ने मैट्रन को बर्खास्त और एएनएम को निलंबित कर दिया है. वहीं, स्कूल के हेडमास्टर को निलंबित करने की सिफारिश सरकार से की गई है.
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