जमशेदपुर : पूरे देश में सोमवार को होलिका दहन मनाया जाएगा। शहर में इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विभिन्न मोहल्लों और गांवों में डांडा रोपण के साथ पूजा-अर्चना की शुरुआत हो चुकी है। साकची स्थित आमबगान मैदान में मारवाड़ी सम्मेलन साकची शाखा द्वारा होलिका दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। डांडा रोपण के साथ विधिवत पूजन कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मुख्य यजमान के रूप में पुनित काउंटिया उपस्थित रहे। पूजन कार्य पंडित बसंत जोशी, पुरुषोत्तम जोशी, दीपक जोशी और रवि जोशी की देखरेख में संपन्न हुआ।
गोबर के कंडों से होती है होलिका दहन की परंपरा…..
जहां एक ओर शहर के अधिकांश इलाकों में होलिका दहन के लिए लकड़ी का उपयोग किया जाता है, वहीं मारवाड़ी समाज पीढ़ियों से चली आ रही अपनी विशिष्ट परंपरा का पालन करते हुए गोबर के कंडों से होलिका दहन करता है। समाज के लोगों का मानना है कि यह परंपरा पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देती है।
रविवार को शहर समेत जिले भर में होलिका की पूजा-अर्चना की गई और सभी ने सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। आमबगान मैदान, साकची में मारवाड़ी समाज द्वारा सौ वर्षों से अधिक समय से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। होलिका दहन के अवसर पर समाज के लोग पूरे परिवार के साथ स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। शहरी क्षेत्र में रहने वाले मारवाड़ी परिवार एकत्रित होकर सामूहिक रूप से इस पर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं. पूजन विधि में महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अध्यक्ष बजरंग अग्रवाल, महासचिव बबलु अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सन्नी संघी, संतोष अग्रवाल, ओमप्रकाश रिंगासिया, कमल अग्रवाल, सांवरमल अग्रवाल, लखन मुनका, विमल रिंगासिया, रमेश मुनका, पवन धानुका, मुरारी लाल अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, पंकज संघी, सुभाष शाह, अमर अग्रवाल, मनोज मुनका, हर्ष मुनका, निर्मल पटवारी, गिरधारी खेमका, कमल चौधरी, भोला चौधरी, सुनील देबुका, श्याम सुंदर रिंगासिया, उमेश शाह, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, कमलेश अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, राहुल चौधरी, कृष्णा अग्रवाल, लालचंद अग्रवाल, अंकुश जवानपुरिया समेत समाज के गणमान्य लोग उपस्थित थे।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि होली का यह पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश देता है, जिसे मारवाड़ी समाज विशेष परंपराओं के साथ मनाता आ रहा है।
