रांची : झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में एक बार फिर नियुक्तियों को लेकर विवाद गहरा गया है। इस बार विवाद के केंद्र में स्वयं रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार के पुत्र, ऋषभ कुमार का चयन है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर निदेशक के बेटे को ‘सीनियर रेजिडेंट’ (SR) के पद पर नियुक्त किया गया है।

क्या है पूरा मामला?
बीते 28 मार्च 2026 को रिम्स में विभिन्न पदों के लिए वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए गए थे। इसमें निदेशक के पुत्र ऋषभ कुमार का चयन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (MHA) विभाग में सीनियर रेजिडेंट के पद पर हुआ। विवाद तब शुरू हुआ जब यह बात सामने आई कि इस नियुक्ति के लिए एनाटॉमी विभाग की एक सीट को रातों-रात एमएचए विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया।
विवाद के 3 मुख्य कारण :
- सीटों का अवैध फेरबदल : जानकारों का कहना है कि एमएचए विभाग में अनारक्षित (General) वर्ग की सीट रिक्त नहीं थी। इसे भरने के लिए एनाटॉमी विभाग के पद को स्थानांतरित किया गया, जिसे नियम विरुद्ध माना जा रहा है।
- विज्ञापन की शर्तें : यह भी आरोप लग रहे हैं कि विज्ञापन की शर्तें और योग्यता के मानक इस तरह तय किए गए थे कि ऋषभ कुमार के साथ पास हुए अन्य अभ्यर्थी दौड़ से बाहर हो जाएं और केवल वे ही एकमात्र पात्र उम्मीदवार बचें।
- अकादमिक समिति की भूमिका : रिम्स के ही कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने सवाल उठाया है कि जिस विभाग (MHA) को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से मान्यता प्राप्त नहीं है, वहां सीनियर रेजिडेंट की नियुक्ति किस आधार पर की जा रही है।
निदेशक ने दी सफाई
इन गंभीर आरोपों पर रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी। उन्होंने तर्क दिया कि:
- वे स्वयं इंटरव्यू बोर्ड या सिलेक्शन कमेटी के सदस्य नहीं थे।
- पदों का स्थानांतरण संस्थान की एकेडमिक कमेटी के पुराने निर्णय के अनुसार किया गया है।
पहले भी रहा है विवादों से नाता
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब निदेशक के पुत्र सुर्खियों में हैं। इससे पहले उनके एमएचए कोर्स में नामांकन और मिलने वाले स्टाइपेंड को लेकर भी राज्य स्वास्थ्य विभाग ने जांच बिठाई थी, जिसमें कई अनियमितताएं पाई गई थीं।
निष्कर्ष: फिलहाल एनाटॉमी विभाग ने अपने पद को एमएचए में शिफ्ट करने पर कड़ा एतराज जताया है। अब देखना यह है कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस हाई-प्रोफाइल नियुक्ति विवाद पर क्या कदम उठाती है।
