जमशेदपुर : मानगो क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से बनी नवनिर्मित जलमीनार अब लोगों के लिए सुविधा के बजाय “शोपीस” बनकर रह गई है। यूको बैंक के बगल, नया पुरुलिया रोड स्थित इस जलमीनार से पिछले कई महीनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार, पायल सिनेमा के समीप स्थित इस जलमीनार का उद्घाटन बड़े दावों के साथ किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। जिस उद्देश्य से इस महत्वाकांक्षी योजना को शुरू किया गया था, वह फिलहाल अधूरा साबित हो रहा है।


मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वहां मौजूद चौकीदार ने बताया कि कई महीनों से जलमीनार पूरी तरह बंद पड़ी है और यहां से किसी प्रकार की जलापूर्ति नहीं हो रही है।
जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों ने बताया कि जलमीनार के निर्माण और संचालन से जुड़े संवेदक को पिछले कुछ महीनों से भुगतान नहीं हुआ है, जिसके कारण वह इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं दूसरी ओर, मानगो स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता भी बेहद कम हो चुकी है। प्लांट में लगे फिल्टर उपकरण खराब हो चुके हैं, जिससे जरूरत के मुकाबले काफी कम पानी शुद्ध हो पा रहा है। ऐसे में नई जलमीनार को पानी उपलब्ध कराना फिलहाल संभव नहीं है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि पूर्व में गांधी मैदान स्थित जलमीनार से आंशिक जलापूर्ति जोड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह पूरी तरह असफल रहा। स्पष्ट रूप से कहा गया कि जब तक फिल्टर प्लांट की क्षमता नहीं बढ़ाई जाती, तब तक इस जलमीनार का उपयोग संभव नहीं है। इस दौरान विकास सिंह ने जलमीनार के पास बने जल भंडारण संप की बदहाल स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि संप का ढक्कन तक नहीं लगाया गया है और वह उद्घाटन के समय से ही क्षतिग्रस्त अवस्था में खुला पड़ा है, जो एक बड़ा हादसा होने का संकेत दे रहा है।
विकास सिंह ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों ने केवल लोकप्रियता हासिल करने के लिए जल्दबाजी में इसका उद्घाटन कराया। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों और उद्घाटनकर्ताओं की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे इस योजना को जल्द धरातल पर उतारें और आम जनता को इसका लाभ दिलाएं।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “रोम जल रहा है और नीरो बंसी बजा रहे हैं”, यह कहावत यहां के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर बिल्कुल सटीक बैठती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो जनता के बीच आक्रोश और बढ़ेगा, और संबंधित लोगों को जवाब देना होगा।
