जमशेदपुर : विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर डॉ. अजय अग्रवाल, वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, ब्रह्मानंद नारायणा अस्पताल ने हृदय संबंधी आपात स्थितियों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कार्डियक इमरजेंसी अचानक होने वाली और रोकी जा सकने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में शामिल है, लेकिन अधिकतर मामलों में समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है।


उन्होंने बताया कि व्यस्त शहरी जीवनशैली के कारण लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य थकान या हल्की परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे इलाज का बहुमूल्य समय निकल जाता है। खासकर महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जाती है, क्योंकि उनके लक्षण पुरुषों की तुलना में अलग और कम स्पष्ट होते हैं। जहां पुरुषों में सीने में दर्द प्रमुख संकेत होता है, वहीं महिलाओं में थकान, मतली, सांस फूलना या पीठ दर्द जैसे लक्षण सामने आते हैं।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि बुजुर्गों और मधुमेह के मरीजों में भी लक्षण अक्सर असामान्य होते हैं, जिससे पहचान और उपचार में देरी होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई भी लक्षण कुछ मिनटों से अधिक समय तक बना रहता है तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए, लक्षणों के अपने आप ठीक होने का इंतजार करना खतरनाक हो सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि हृदय रोगों से बचाव के लिए जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, नमक और प्रोसेस्ड फूड का कम सेवन, तनाव नियंत्रण और पर्याप्त नींद से जोखिम कम किया जा सकता है। तंबाकू और अत्यधिक शराब के सेवन से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित स्वास्थ्य जांच भी बेहद आवश्यक है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां लंबे समय तक बिना लक्षण के हृदय को नुकसान पहुंचा सकती हैं। 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और जिनके परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, उन्हें समय-समय पर जांच करानी चाहिए।
इसके साथ ही, उन्होंने आम लोगों से कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) जैसे जीवन रक्षक कौशल सीखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्डियक अरेस्ट के शुरुआती मिनटों में दिया गया CPR किसी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अंत में उन्होंने कहा कि कार्डियक इमरजेंसी में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। जागरूकता, त्वरित निर्णय और समय पर इलाज ही जीवन बचाने की कुंजी है। इस विश्व स्वास्थ्य दिवस पर लोगों को सतर्क रहने और हृदय स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होने की जरूरत है।
