असम में JMM का ‘किंगमेकर’ बनने का दावा
असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झामुमो (JMM) प्रत्याशियों के पक्ष में कई रैलियां और रोड शो किए। उन्होंने विशेष रूप से चाय बागान इलाकों में रहने वाले ‘टी-ट्राइब्स’ और झारखंडी मूल के आदिवासियों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। सीएम ने दावा किया है कि यदि उनकी पार्टी 8 से 10 सीटें भी जीतती है, तो वह असम में सत्ता के समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभाएगी।


दौरे की मुख्य बातें और बड़े वादे:
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न्यूनतम मजदूरी का मुद्दा: सीएम ने चाय बागान श्रमिकों के लिए 500 रुपये की न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने का वादा किया है।
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अधिकार और पहचान: उन्होंने असम के आदिवासी समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिलाने को राष्ट्रीय न्याय का मुद्दा बताया।
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विपक्ष पर हमला: दौरे के दौरान सीएम सोरेन ने आरोप लगाया कि उन्हें कई स्थानों पर प्रचार करने से रोका गया और हेलीपैड की लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई, जिसे उन्होंने लोकतंत्र के लिए घातक बताया।
रांची लौटते ही चुनावी मोड में सीएम
रांची वापस लौटते ही मुख्यमंत्री अब झारखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और राज्य की विकास योजनाओं की समीक्षा में जुट गए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि असम में हेमंत सोरेन की सक्रियता उन्हें एक बड़े आदिवासी चेहरे के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
