चतरा (हंटरगंज) : झारखंड के चतरा जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवता और गुरु-शिष्य की परंपरा को शर्मसार कर दिया है। हंटरगंज प्रखंड स्थित अनुसूचित जाति आवासीय बालिका विद्यालय में एक 13 वर्षीय मासूम छात्रा के सात माह की गर्भवती होने का मामला उजागर हुआ है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।


क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा इसी आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रही थी। जब छात्रा के शारीरिक बदलावों पर ध्यान गया, तो उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। जैसे ही यह खबर सार्वजनिक हुई, विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में तनाव फैल गया। घटना का सबसे भयावह पहलू यह है कि दुराचार का सीधा आरोप विद्यालय के प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) शंकर प्रसाद पर लगा है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, मौके पर पहुंची पुलिस
इस शर्मनाक घटना की जानकारी मिलते ही छात्रा के परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। बड़ी संख्या में लोगों ने स्कूल परिसर का घेराव किया और जमकर हंगामा किया। उत्तेजित ग्रामीण आरोपी हेडमास्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और स्कूल पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित छात्रा और आरोपी प्रधानाध्यापक शंकर प्रसाद को थाने ले गई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने आरोपी प्रधानाध्यापक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। चतरा पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। छात्रा को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
प्रशासनिक चिंता
एक सरकारी आवासीय विद्यालय, जहाँ बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी शिक्षकों पर होती है, वहाँ ऐसी घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। शिक्षा विभाग ने भी इस मामले में आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।
