जमशेदपुर : लौहनगरी के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत धुनी रोड स्थित एक आवास में हृदयविदारक घटना सामने आई है। टाटा स्टील की एक वेंडर कंपनी में कार्यरत ठेका कर्मचारी गोरचंद महतो ने आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के कारण आत्मदाह कर लिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और स्थानीय श्रमिकों में भारी रोष देखा जा रहा है।


क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, गोरचंद महतो पिछले काफी समय से अपने भविष्य निधि (PF) की राशि के भुगतान के लिए वेंडर कंपनी और संबंधित कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी जमा पूंजी उन्हें नहीं मिल पा रही थी। आर्थिक संकट और परिवार की जरूरतों को पूरा न कर पाने के दबाव ने उन्हें इस कदर तोड़ दिया कि उन्होंने मौत को गले लगाना बेहतर समझा।
पुलिसिया कार्रवाई और सुसाइड नोट
घटना की सूचना मिलते ही सिदगोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सूत्रों के मुताबिक, नोट में पीएफ भुगतान में हो रही देरी और कंपनी प्रबंधन के रवैये के कारण उपजी मानसिक प्रताड़ना का स्पष्ट उल्लेख है। पुलिस ने सुसाइड नोट को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है।
वेंडर कंपनियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना ने जमशेदपुर की वेंडर और ठेका कंपनियों में काम करने वाले हजारों मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। श्रमिक संगठनों का आरोप है कि वेंडर कंपनियां मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा लाभों (PF, ESI) के मामले में मनमानी करती हैं, और मुख्य प्रबंधन इन पर उचित निगरानी नहीं रखता।
प्रशासनिक रुख
सिदगोड़ा पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या प्रताड़ना की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

