JAMSHEDPUR : जमशेदपुर की जीवनदायिनी कही जाने वाली स्वर्णरेखा नदी अब जलीय जीवों के लिए काल बनती जा रही है। रविवार तड़के स्वर्णरेखा नदी के डोबो पुल क्षेत्र में हजारों मरी हुई मछलियां मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। प्रदूषण की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ ही दिनों के भीतर नदी और तालाबों में मछलियों के मरने की यह तीसरी बड़ी घटना है।



तड़के 3 बजे दिखा खौफनाक नजारा
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब तीन बजे जब मछुआरे मछली पकड़ने नदी पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि बड़ी संख्या में मछलियां पानी की सतह पर बेजान तैर रही थीं। कुछ ही देर में यह खबर फैल गई और स्थानीय लोग वहां जमा हो गए। अधिकांश मछलियां मृत थीं, जिन्हें लोग बिना जाल के ही बोरों में भरकर ले जाने लगे, जो स्वास्थ्य के लिहाज से भी खतरनाक हो सकता है।
विधायक सरयू राय ने लिया जायजा, व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना की सूचना मिलते ही जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर विभागीय लापरवाही का नतीजा है।
- सीवेज का जहर : विधायक ने बताया कि सोनारी क्षेत्र से आने वाला एक बड़ा नाला सीधे नदी में गिर रहा है।
- दोषपूर्ण संरचनाएं : जल शोधन (Water Treatment) के लिए बनाई गई सरकारी संरचनाएं अब खुद गंदगी का स्रोत बन गई हैं। उन गड्ढों का दूषित पानी ओवरफ्लो होकर सीधे स्वर्णरेखा में मिल रहा है।
- जहरीले पदार्थ की आशंका : सरयू राय ने अंदेशा जताया कि सीवेज के साथ कोई अति-विषाक्त पदार्थ नदी में छोड़ा गया है, जिससे मछलियों की सामूहिक मौत हुई है।
खतरे में इंसानी सेहत
विधायक ने चेतावनी दी कि शहर का गंदा और जहरीला पानी सीधे नदी में जाने से न केवल मछलियां मर रही हैं, बल्कि नदी में स्नान करने वाले लोगों को भी त्वचा संबंधी और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) और नगर निकाय से तत्काल पानी के सैंपल की जांच कराने और रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है।
लगातार हो रही घटनाएं, प्रशासन मौन
बता दें कि कुछ दिन पहले ही भुइयांडीह के पास स्वर्णरेखा नदी और बिस्टुपुर के बेल्डीह तालाब में भी इसी तरह हजारों मछलियां मरी मिली थीं। बार-बार हो रही इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम न उठाना शहर की पर्यावरणीय सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़ा करता है।
