रांची : झारखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की लाइफलाइन कही जाने वाली ‘108 एंबुलेंस सेवा’ पूरी तरह ठप हो गई है। अपनी वाजिब मांगों और पिछले दो महीनों के बकाया वेतन को लेकर राज्य भर के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे मरीजों की जान पर संकट मंडराने लगा है।
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वेतन और बुनियादी सुविधाओं का अभाव
कर्मचारियों का आरोप है कि सेवा का संचालन करने वाली संस्था ‘सम्मान फाउंडेशन’ द्वारा उन्हें मार्च और अप्रैल 2026 का वेतन अब तक नहीं दिया गया है। सोमवार को रांची के डोरंडा स्थित कार्यालय के बाहर भारी संख्या में जुटे कर्मियों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें:
बकाया वेतन: मार्च और अप्रैल महीने के वेतन का तत्काल भुगतान।
दस्तावेज: नियुक्ति पत्र (Offer Letter) और पहचान पत्र (ID Card) जारी करना।
सामाजिक सुरक्षा: पीएफ (PF) और ईएसआईसी (ESIC) जैसी अनिवार्य सुविधाएं प्रदान करना।
न्यूनतम वेतन: कम वेतन (6-11 हजार) की विसंगतियों को दूर करना।
प्रबंधन का तर्क: सरकारी फंड में देरी
हड़ताल के बीच प्रबंधन ने कर्मचारियों से वार्ता की और आश्वासन दिया कि सरकारी फंड मिलने में देरी की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। प्रबंधन ने 2 से 3 दिन का समय मांगा है, लेकिन झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज तिवारी ने साफ कर दिया है कि जब तक वेतन बैंक खातों में क्रेडिट नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी।
आम जनता पर बढ़ा खतरा
108 सेवा ठप होने से सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुँचाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी भयावह है क्योंकि वहां निजी एंबुलेंस की पहुंच और सामर्थ्य कम है।