पटना : बिहार की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में कई राजनीतिक संकेत साफ दिखे, लेकिन सबसे ज्यादा नजरें जिस चेहरे पर ठहर गईं,वह थे-उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश। वजह सिर्फ यह नहीं कि वह बिना चुनाव लड़े सीधे मंत्री बन गए, बल्कि इसलिए भी कि उन्होंने जींस, शर्ट और क्रॉक्स पहनकर मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद सोशल मीडिया पर दीपक प्रकाश को जमकर ट्रोल किया जाने लगा।
जींस-शर्ट पहनकर शपथ, सोशल मीडिया पर बवाल
पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ समारोह में जैसे ही दीपक प्रकाश मंत्री पद का वचन लेने आगे बढ़े, कैमरों ने उनका लुक कैद कर लिया। कुछ ही मिनटों में तस्वीरें वायरल हो गईं और एक्स पर लोगों ने जमकर कमेंट किए। सोशल मीडिया पर कई एक्स यूजर ने लिखा है कि जींस, शर्ट और क्रॉक्स पहनकर शपथ लेने वाले दीपक प्रकाश बिहार के पहले मंत्री बने हैं।
सोशल मीडिया पर दीपक प्रकाश को लेकर क्या बोले यूजर?
- एक यूजर ने लिखा-“बिहार के जींस और शर्ट वाले मंत्री जी का लुक वायरल है। बेटे को सीधे मंत्री बना दिया गया है, वह भी बिना चुनाव लड़े।”
- दूसरे यूजर ने चुटकी ली-“नीतीश कैबिनेट का सबसे बड़ा सरप्राइज! जींस-शर्ट और क्रॉक्स में शपथ… परिवारवाद का नया स्टाइल।”
अन्य यूजर ने लिखा-“पति सिंबल लेकर विधायक बनीं, बेटा सीधे मंत्री… लोकतंत्र में राजतंत्र का लेटेस्ट उदाहरण।” कुछ यूजर ने मजाक में यह भी कहा कि “बिहार में पहली बार जींस-शर्ट पहनकर मंत्री बनने का कारनामा हुआ है।”
कौन हैं दीपक प्रकाश? बिना चुनाव लड़े कैसे बने मंत्री?
दीपक प्रकाश का राजनीतिक सफर बहुत लंबा नहीं है, लेकिन पारिवारिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत है। वह आरएलएम सुप्रीमो और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। नीतीश सरकार में उन्हें रालोमो कोटे से मंत्री बनाया गया है।
गौर करने वाली बात यह है कि दीपक प्रकाश वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं फिर भी मंत्री बने। अब उन्हें 6 महीनों के भीतर विधान परिषद या विधानसभा का सदस्य बनना ही होगा। यही वजह है कि माना जा रहा है कि सम्राट चौधरी के खाली हुए एमएलसी सीट से उन्हें सदस्य बनाया जाएगा।
मां विधायक, पिता सांसद-परिवार की राजनीति में नई एंट्री
दीपक की मां स्नेहलता कुशवाहा हाल ही में सासाराम से विधायक चुनी गई हैं। पिता राज्यसभा सांसद हैं। अब बेटा मंत्री बन गया।इस वजह से कहा जा रहा है कि कुशवाहा परिवार अब बिहार की सत्ता में पहले से ज्यादा मजबूत हो चुका है।
सासाराम में तो चर्चा यहां तक है कि, “लोग उम्मीद कर रहे थे कि स्नेहलता कुशवाहा को मंत्री बनाया जाएगा, लेकिन आखिरी समय में बेटे के नाम पर मुहर लग गई।”
चुनाव के दौरान मां के साथ सक्रिय थे दीपक प्रकाश
हालिया विधानसभा चुनाव में दीपक अपनी मां के साथ पूरी तरह सक्रिय दिखे। उनकी पत्नी साक्षी मिश्रा भी प्रचार और संगठनात्मक काम में शामिल रहीं। कई स्थानीय नेताओं का मानना है कि परिवार की एकजुट मेहनत ने चुनाव में बड़ा योगदान दिया।
