जमशेदपुर : लौहनगरी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, एमजीएम (MGM) में संवेदनहीनता और सुरक्षा चूक का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के वार्ड से पिछले 9 दिनों से लापता एक मरीज का शव आज अस्पताल परिसर के ही एक सुनसान हिस्से से बरामद किया गया।

पूरा मामला:
जानकारी के अनुसार, उक्त मरीज पिछले 9 दिनों से अपने बेड से गायब था। परिजनों ने इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस को भी दी थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से परिसर के भीतर गहन खोजबीन नहीं की गई। आज जब परिसर के एक हिस्से से भारी दुर्गंध आने लगी, तब वहां जाकर देखने पर सड़ा-गला शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान लापता मरीज के रूप में की गई।
अधीक्षक की सख्त कार्रवाई:
घटना की सूचना मिलते ही एमजीएम अधीक्षक ने इसे सुरक्षा की भारी चूक माना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से सुरक्षा गार्डों और संबंधित सुरक्षा एजेंसी से लिखित रिपोर्ट (Show Cause) तलब की है। उन्होंने पूछा है कि जब सुरक्षा के लिए भारी-भरकम राशि खर्च की जा रही है, तो 9 दिनों तक परिसर के भीतर ही शव पड़ा रहा और किसी को भनक तक क्यों नहीं लगी?
सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल:
- गश्त में लापरवाही: क्या सुरक्षा गार्ड अस्पताल परिसर के हर कोने की नियमित निगरानी नहीं कर रहे थे?
- सीसीटीवी की भूमिका: मरीज वार्ड से निकलकर वहां तक कैसे पहुँचा, क्या सीसीटीवी कैमरों में इसकी कोई फुटेज दर्ज नहीं हुई?
- प्रबंधन की सुस्ती: परिजनों की शिकायत के बाद भी पूरे अस्पताल परिसर को खंगालने की जहमत क्यों नहीं उठाई गई?
आगे की कार्यवाही:
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले सुरक्षाकर्मियों और एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के परिजनों में भी सुरक्षा को लेकर काफी रोष देखा जा रहा है।
