जमशेदपुर : साकची स्थित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स में कॉमर्स (वाणिज्य) संकाय में नामांकन बंद किए जाने के फैसले पर अब विवाद गहराता जा रहा है। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) पूर्वी सिंहभूम के जिला सचिव शुभम कुमार झा ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे छात्राओं के शैक्षणिक अधिकारों का हनन बताया है।

उन्होंने कहा कि स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण कॉमर्स की पढ़ाई बंद होना राज्य की शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति को दर्शाता है। यह फैसला छात्राओं को शिक्षा से वंचित करने की साजिश जैसा प्रतीत होता है। शुभम कुमार झा ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस नीति का उद्देश्य शिक्षा को सुलभ बनाना था, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं। सरकारी स्कूलों को बंद कर सीएम स्कूल खोले जा रहे हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई ही बंद की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि इंटरमीडिएट की पढ़ाई को महाविद्यालयों से हटाकर स्कूलों में केंद्रित किया गया है, ताकि उत्कृष्ट शिक्षा दी जा सके, लेकिन जब इन “आदर्श विद्यालयों” में ही विषयों की पढ़ाई बंद हो रही है, तो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। छात्र संगठन ने मांग की है कि स्कूल में जल्द से जल्द कॉमर्स संकाय की पढ़ाई फिर से शुरू की जाए, सीटों की संख्या बढ़ाई जाए और राज्य में खाली पड़े शिक्षकों के पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए, ताकि छात्राओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।
