जमशेदपुर : केवट समाज वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा 50वाँ गुहा निषाद जयंती समारोह का आयोजन टाउन हॉल सभागार में किया गया, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ गुण्डरदेही के विधायक कुंवर सिंह निषाद, विशिष्ट अतिथि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार और काग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने भगवान राम और माता सीता के संग उपस्थित निष्दा समाज के राजा गुहा निषाद के प्रतिमा की पूजा अर्चना कर मंच के दीप प्रज्वलित कर किया, कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष सुरेश निषाद ने की, कार्यक्रम के प्रारंभ में विभिन्न समाज से आए प्रतिष्ठित लोगों के संग अध्यक्ष महामंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा की निषाद समाज अपने गौरव पूर्ण इतिहास के लिए जाना जाता है, रामायण काल में भगवा राम, माता सीता और भ्राता लक्ष्मण को नदी अपने नाव पर बैठा कर पार कराने वाले निषाद राज, जो की निषादों के राजा के रूप में पूजे जाते हैं, भगवान राम के परम मित्र के रूप में पूरे विश्व में जाने जाते है, निषादों का लम्बा इतिहास रहा है.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा की सामाजिक एक जुटता के संग आज वर्तमान भविष्य को तैयार करने के लिए समाज के बीच शिक्षा का प्रचार प्रसार आवश्यक है, बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ सामाजिक ज्ञान भी देना चाहिए ताकि आने वाले समाज की नींव बन सके, कांग्रेस नेता आनंद बिहारी दुबे ने अपने वक्तव्य में कहा की प्रत्येक समाज के युवा पीढ़ी को आगे आने की जरूरत है, सामाजिक संरचना वो ही मजबूत कर सकते है। कार्यक्रम में खेलकूद के विजेताओं को मुख्य अतिथि के द्वारा पुरस्कृत किया गया, सोनारी के श्रीराम ग्रुप छत्तीसगढ़ी नृत्य प्रस्तुत किए गया, कार्यक्रम में विशेष रूप से विधायक की धर्मपत्नी दंतेश्वरी निषाद, छत्तीसगढ़ से आए कृपा राम निषाद, सभापति वीरगांव नगर निगम, दीनू निषाद, पार्षद वीरगांव, हरि शंकर निषाद, जिला पंचायत सदस्य, प्यारेलाल साहू उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में मछिंदर निषाद, महेश निषाद, बाबूलाल निषाद, शिव पारकर, चंद्रिका प्रसाद, रतन लाल निषाद, तारकेश्वर निषाद, सुकालू निषाद, शनि विनायक, झुमुक निषाद, जमुना निषाद, विधा देवी, सावित्री देवी, पिंकी निषाद, बेबी निषाद, पुष्पा निषाद, कमला निषाद, पूजा निषाद आदि हजारों की संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे, अंत में सभी ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया।


