जमशेदपुर : श्रीनाथ विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा “शिष्टाचार और व्यावसायिक संप्रेषण का महत्व” विषय पर एक महत्वपूर्ण अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऑफलाइन माध्यम में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस व्याख्यान की मुख्य वक्ता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग की प्रो. धृति रे दलई थीं। अपने वक्तव्य में उन्होंने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में शिष्टाचार के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संबोधन के दौरान कहा कि विनम्रता, सम्मान और संवेदनशीलता पर आधारित प्रभावी संप्रेषण न केवल संबंधों को मजबूत बनाता है, बल्कि एक सकारात्मक सामाजिक वातावरण के निर्माण में भी सहायक होता है। उन्होंने वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में उचित व्यवहार और शिष्टाचार बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया, विशेषकर उस दौर में जब संचार का बड़ा हिस्सा डिजिटल माध्यमों से हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिष्टाचार केवल एक सामाजिक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक आवश्यक व्यावसायिक गुण है, जो कार्यस्थल पर सामंजस्य, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास को सुदृढ़ करता है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. एस. एन. सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में अंग्रेज़ी विभाग की इस शानदार पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा में जीवन कौशल और मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक होता है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप भी है। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेज़ी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. रिया बसु ने किया, जिन्होंने पूरे सत्र को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया और वक्ता एवं श्रोताओं के बीच संवाद को प्रोत्साहित किया। व्याख्यान के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने कई सवाल पूछे। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ और इसने शिष्टाचार तथा व्यावसायिक संप्रेषण के महत्व को पुनः स्थापित किया।
