रांची : झारखंड में एक बड़ा इनकाउंटर हुआ है , कुख्यात अपराधी और गैग्स्टर उत्तम यादव मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में ये इनकाउंटर हुआ है, जिसमें पुलिस और कुख्यात अपराधी उत्तम यादव के बीच गोलीबारी हुई। जिसमें पुलिस ने उत्तम को मार गिराया। उत्तम यादव पर हत्या, लूट, फिरौती और फायरिंग के कई मामले दर्ज थे और बिहार सरकार ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

इस मुठभेड़ में चतरा और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी। उत्तम यादव टाइगर ग्रुप नामक कुख्यात गिरोह का सरगना था और उस पर हत्या, लूट, रंगदारी और फायरिंग जैसे दर्जनों मामले दर्ज थे। गुप्त सूचना के आधार पर सिमरिया क्षेत्र में छापेमारी की गई। इसी दौरान उत्तम यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। मुठभेड़ में उत्तम यादव को छाती, पेट और जांघ में गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मारे गए अपराधी के शव को पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल लाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया दंडाधिकारी की मौजूदगी में देर रात पूरी की जाएगी।
अपराध जगत में सक्रिय था उत्तम यादव
उत्तम यादव लंबे समय से चतरा और हजारीबाग जिले में सक्रिय था। वह व्यवसायियों और ठेकेदारों से रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात था। पुलिस के अनुसार, वह कई हत्याओं और लूट की घटनाओं में शामिल रहा है। बिहार सरकार ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था।करीब दो महीने पहले उत्तम यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह हाथ में एके-47 लेकर चतरा और हजारीबाग जिले के व्यवसायियों को रंगदारी देने की धमकी दे रहा था।
यही नहीं, 22 जून को हजारीबाग के श्रीज्वेलर्स पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी भी उत्तम यादव ने खुद ली थी। इस घटना के बाद उसने कार्बाइन हाथ में लेकर एक और वीडियो जारी कर धमकी दी थी कि जो भी रंगदारी नहीं देगा, उसे गंभीर अंजाम भुगतना पड़ेगा।उत्तम यादव और उसके गिरोह की बढ़ती घटनाओं के बाद पुलिस ने अभियान तेज कर दिया था। 3 जुलाई को हजारीबाग पुलिस ने उसके गिरोह के नौ गुर्गों को गिरफ्तार कर सार्वजनिक रूप से सड़क पर पैदल मार्च कराया था।
