नई दिल्ली / रांची : यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) द्वारा प्रस्तावित नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज हो गया है। विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों ने इन नियमों को लेकर आपत्ति जताते हुए 1 फरवरी 2026 को ‘ भारत बंद ’ का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नए नियम उच्च शिक्षा व्यवस्था में असमानता को बढ़ावा दे सकते हैं और छात्रों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे।

प्रदर्शन कर रहे संगठनों की मांग है कि UGC इन नियमों को तत्काल वापस ले या सभी वर्गों से व्यापक परामर्श के बाद ही कोई अंतिम निर्णय ले। कई राज्यों में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसरों में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है, वहीं कुछ स्थानों पर शांतिपूर्ण मार्च और ज्ञापन सौंपे गए हैं।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने केंद्र सरकार और UGC से नियमों को लेकर जवाब मांगा है और अगली सुनवाई की तिथि तय की है। कोर्ट के इस कदम से छात्रों को अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन आंदोलनकारी संगठन अभी भी भारत बंद के फैसले पर अडिग हैं।
झारखंड सहित कई राज्यों में अलर्ट
झारखंड में भी छात्र संगठनों ने बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और किसी भी तरह की हिंसा या जबरन बंद को अनुमति नहीं दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में UGC नियमों को लेकर केंद्र सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत की संभावना बढ़ सकती है। फिलहाल, देश की निगाहें 1 फरवरी और सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
