नई दिल्ली : देशभर के लाखों मेडिकल परीक्षार्थियों के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक और अनियमितताओं के चलते रद्द (Cancel) कर दिया गया है। शिक्षा मंत्रालय की सिफारिश पर अब इस पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है।



क्यों रद्द हुई परीक्षा?
- राजस्थान पुलिस की SOG (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच के दौरान पाया गया कि:
- परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर एक “गेस पेपर” वायरल हुआ था, जिसके 120 से अधिक सवाल (खासकर केमिस्ट्री और बायोलॉजी के) असली पेपर से हूबहू मेल खा रहे थे।
- SOG ने रातों-रात ऑपरेशन चलाकर राजस्थान के सीकर, झुंझुनू और अन्य राज्यों जैसे हरियाणा और नासिंक में छापेमारी की।
- अब तक इस मामले में 45 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें साज़िशकर्ता और कई छात्र भी शामिल हैं।
CBI ने दर्ज की FIR, 5 गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत FIR दर्ज कर ली है। जांच एजेंसी ने अब तक जयपुर, गुरुग्राम और नासिक से शुभम खैरनार और यश यादव समेत 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
परीक्षार्थियों के लिए क्या है आगे का रास्ता?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने स्पष्ट किया है कि:
- नई तारीख: परीक्षा की नई तारीखों का एलान जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.ac.in/NEET पर किया जाएगा।
- कोई नई फीस नहीं: दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को न तो नया रजिस्ट्रेशन करना होगा और न ही कोई अतिरिक्त फीस देनी होगी।
- पुराना डेटा मान्य: छात्रों का पुराना रजिस्ट्रेशन और डेटा ही मान्य रहेगा, केवल नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
“छात्रों के भविष्य और परीक्षा की पारदर्शिता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मामला CBI को सौंपा गया है।” – NTA प्रवक्ता



