जमशेदपुर : चर्चित गैंगस्टर विक्रम शर्मा की देहरादून में हुई हत्या के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस बहुचर्चित हत्याकांड में मृतक के भाई अरविंद शर्मा ने देहरादून पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। अरविंद को इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। उसके सरेंडर के बाद मामले में कई अहम तथ्यों के सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में कारोबारी विवाद और वर्चस्व की लड़ाई को हत्या की प्रमुख वजह माना जा रहा है। पुलिस ने वारदात में शामिल तीन शूटरों की पहचान आकाश प्रसाद, आशुतोष कुमार और विशाल के रूप में की है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपितों की गतिविधियां कैद मिली हैं। जांच में सामने आया है कि घटना से पहले हमलावर हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में ठहरे थे। वहीं से स्कूटी और बाइक किराए पर लेकर देहरादून पहुंचे और वारदात को अंजाम देने के बाद वाहन लौटाकर फरार हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, आर्थिक नुकसान ने रंजिश को गहरा किया। प्रभात नामक सहयोगी की करीब दो लाख रुपये मासिक आय ठेका और बैचिंग प्लांट से जुड़ी थी, जो बंद हो गई थी। इसी के बाद साजिश रची गई। पुलिस का दावा है कि हथियारों की व्यवस्था भी अरविंद ने कराई थी। शुक्रवार सुबह करीब 10:40 बजे विक्रम शर्मा जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
