वाराणसी : शरीर पर भस्म, हाथ में गदा-त्रिशूल, हाथी-घोड़े की सवारी और हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ काशी में लगभग 10,000 से ज्यादा नागा संन्यासी पेशवाई करते हुए बाबा विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. इस मौके पर वाराणसी जिला प्रशासन की ओर से विश्वनाथ धाम के गेट पर फूल माला पहनाकर नागा साधु-संन्यासियों का स्वागत किया जा रहा है. महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा का दर्शन-पूजन कर रहे हैं. सुबह 9 बजे तक दो लाख 37 हजार 335 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं.
रात से ही दर्शन के लिए लाइन : आज महाशिवरात्रि पर्व पर काशी में लाखों की संख्या में भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए रात से ही सड़कों के किनारे खड़े हैं तो वहीं दूसरी ओर सुबह सबसे पहले गेट नंबर 4 से जूना अखाड़ा के नागा संन्यासी दर्शन करने मंदिर पहुंच रहे हैं. जिनके साथ महामंडलेश्वर अवधेशानंद भी साथ रहे. इसके बाद साधु-संतों की पेशवाई शुरू हुई. 10,000 से ज्यादा नागा संन्यासी हाथ में गदा-त्रिशूल लिए पेशवाई करते हुए बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. बाबा विश्वनाथ धाम में जलाभिषेक के बाद बाद कैलाशानंद गिरि ने कहा कि इसी के साथ आज महाकुंभ की पूर्णाहूति हुई है.
नागा संन्यासियों का जत्था पहुंचा बाबा के दरबार : बताते चलें कि महाकुंभ पर महाशिवरात्रि का यह संयोग बेहद अद्भुत है. जब एक तरफ लाखों की संख्या में बाबा के आम भक्त उनके दर्शन का इंतजार कर रहे हैं, तो वहीं सबसे ज्यादा बाबा को प्रिय उनके नागा संन्यासी बाबा के दर्शन को उनके धाम पहुंच रहे हैं. इस मौके पर सुबह से ही ढोल नगाड़े के साथ नागा साधुओं की पेशवाई शुरू हुई, जिसमें नाचते-गाते बाब विश्वनाथ को याद करते हुए भक्त पहुंच रहे हैं. इस मौके पर निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि महाराज रथ पर सवार होकर बाबा के दर्शन के लिए निकले. इस दौरान ओम नमः शिवाय का जाप करते रहे. नागा संन्यासी वहां भक्तों के बाबा के दरबार में पहुंचने को लेकर के जिला प्रशासन भी पूरी तरीके से सतर्क है और बैरिकेडिंग के साथ बड़ी संख्या में पुलिस के जवान आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैनात हैं.
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