साइलो के नीचे खोदी जा रहीं अवैध सुरंगें, रेलवे ट्रैक और हजारों यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल East Central Railway
धनबाद : कोयलांचल में अवैध खनन का खेल एक बार फिर चिंता का कारण बन गया है। इस बार निशाने पर है बीसीसीएल एरिया-3 के अंतर्गत बरोरा थाना क्षेत्र स्थित महेशपुर साइलो प्लांट, जिसकी लागत करीब 350 करोड़ रुपये बताई जाती है। आरोप है कि कोयला तस्करों ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के आसपास ही नहीं, बल्कि इसके नीचे तक अवैध खनन का जाल बिछा दिया है। स्थिति ऐसी बन गई है कि अब धनबाद–चंद्रपुरा रेलवे लाइन और साइलो प्लांट दोनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं।



स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अवैध कोयला तस्करों ने साइलो प्लांट परिसर में ही जोरिया (नाला) का निर्माण और उसकी दिशा में बदलाव कर दिया है, ताकि खदानों में पानी प्रवेश न कर सके और अवैध खनन का काम बिना किसी बाधा के चलता रहे। बताया जाता है कि इलाके में करीब तीन रेट-होल मुहाने खोले गए हैं, जिनके जरिए भूमिगत सुरंग बनाकर कोयला निकाला जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि यह खनन केवल कोयला चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे करोड़ों रुपये की राष्ट्रीय संपत्ति भी खतरे में पड़ सकती है। जिस क्षेत्र में अवैध खनन किया जा रहा है, उसके समीप से धनबाद–चंद्रपुरा रेलवे लाइन गुजरती है।
इस रेलखंड से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मालगाड़ियों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होता है। ऐसे में यदि भूमिगत सुरंगों के कारण जमीन कमजोर होती है, तो भविष्य में भू-धसान या रेलवे ट्रैक प्रभावित होने जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सूत्रों का दावा है कि अवैध रूप से बनाई गई कुछ सुरंगें रेलवे लाइन के आसपास तक पहुंच चुकी हैं। यदि यह सिलसिला जारी रहा तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियों ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महेशपुर साइलो प्लांट की बाउंड्री वॉल का कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसी का फायदा उठाकर कोयला तस्कर गिरोह लगातार सक्रिय है। लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि कुछ प्रभावशाली तत्वों के संरक्षण के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
बीसीसीएल और सीआईएसएफ द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान अवैध मुहानों की भराई और खनन गतिविधियों का खुलासा हुआ हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ दिन पहले ही बीसीसीएल के सीएमडी ने भी इस क्षेत्र का निरीक्षण किया था, लेकिन इसके बाद भी अवैध खनन की मुहानों के भराई होना आश्चर्य की बात है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चंद पैसों के लालच में कोयला तस्कर हजारों लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। यदि समय रहते अवैध सुरंगों की पूर्ण रूप से भराई, सुरक्षा घेराबंदी और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर सकता है।



