रांची : राजधानी रांची से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों वोकेशनल (व्यावसायिक) शिक्षकों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर दिया है। शिक्षक पिछले 14 महीनों से अपने बकाए वेतन (मानदेय) को जारी करने की मांग को लेकर बेहद आक्रोशित हैं।



परिवार भुखमरी की कगार पर, सरकार मौन क्यों?
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि पिछले 14 महीनों से उन्हें एक रुपया भी वेतन नहीं मिला है। इसके कारण उनके सामने घर चलाने, बच्चों की पढ़ाई और गंभीर बीमारियों के इलाज तक का संकट खड़ा हो गया है। कई शिक्षकों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार विभागीय अधिकारियों और सरकार के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासन मिले हैं, जिससे तंग आकर आज उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
घेराव को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
सैकड़ों की संख्या में पहुंचे शिक्षकों के इस अचानक आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है, जिसके बाद शिक्षक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए हैं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।
शिक्षकों की मुख्य मांगें:
- पिछले 14 महीनों का बकाया मानदेय (Salary) एकमुश्त तुरंत जारी किया जाए।
- वोकेशनल शिक्षकों की सेवा को नियमित (Regularize) किया जाए।
- भविष्य में वेतन के नियमित भुगतान के लिए एक ठोस नीति बनाई जाए।
शिक्षकों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस प्रशासनिक फैसला या मुख्यमंत्री स्तर से सीधा आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।



