जामताड़ा। जामताड़ा जिले के कुंडहित प्रखंड के प्रगतिशील किसान अरिंदम चक्रवर्ती को रांची के मोराबादी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय कृषि व्यापार मेले में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में कृषि निदेशक के हाथों सम्मानित किए जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट, नवाचारी एवं अनुकरणीय कार्यों के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि को जामताड़ा जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।



अरिंदम चक्रवर्ती की इस सफलता पर भाजपा नेता सजल दास गुरुवार को उनके आवास पहुंचे और उन्हें अंगवस्त्र देकर सम्मानित करते हुए बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि अरिंदम चक्रवर्ती ने अपनी मेहनत, लगन और आधुनिक सोच के बल पर यह साबित कर दिया है कि वैज्ञानिक तरीके से खेती कर किसान भी नई पहचान बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि अरिंदम की उपलब्धि पूरे कुंडहित एवं जामताड़ा जिले के किसानों के लिए गर्व की बात है।
रांची में आयोजित कृषि व्यापार मेले में जामताड़ा जिले से 25 प्रगतिशील किसान एवं ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं के दल ने भाग लिया था। मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, नवीन कृषि उपकरणों तथा खेती में हो रहे नए प्रयोगों की जानकारी उपलब्ध कराना था। मेले में किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से खेती-बाड़ी में हो रहे बदलावों एवं आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की, जिससे उन्हें वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान अरिंदम चक्रवर्ती को खेती में नवाचार, आधुनिक तकनीकों के प्रयोग तथा बेहतर उत्पादन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर उन्होंने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि जामताड़ा जिले के उन सभी किसानों का है जो पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और समर्पण ही कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
अरिंदम चक्रवर्ती को मिले इस सम्मान से क्षेत्र के अन्य किसान भी काफी उत्साहित हैं। कई प्रगतिशील किसानों ने बताया कि उन्होंने अरिंदम चक्रवर्ती से प्रेरणा लेकर मनरेगा के तहत प्राप्त बागवानी योजनाओं को वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया। इसका परिणाम यह हुआ कि आज उनके बगीचों से भी बेहतर उत्पादन प्राप्त हो रहा है और आय में वृद्धि हुई है।
अरिंदम चक्रवर्ती ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने शुरुआत में एक छोटे से आम बगीचे से खेती का सफर शुरू किया था। धीरे-धीरे उन्होंने बंजर भूमि को हरियाली में बदलने का संकल्प लिया और लगातार मेहनत करते हुए उसे साकार किया। आज उनके बगीचे में दर्जनों किस्मों के आम के पौधे फल दे रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सही योजना, वैज्ञानिक सोच और निरंतर प्रयास के माध्यम से खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।
उन्होंने किसानों को संदेश देते हुए कहा कि कोई भी कार्य छोटा नहीं होता। किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति और धैर्य की आवश्यकता होती है। शुरुआत में कई तरह की कठिनाइयों और विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उनसे घबराने या हार मानने के बजाय लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में बड़ी से बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।
अरिंदम चक्रवर्ती की यह उपलब्धि न केवल कुंडहित बल्कि पूरे जामताड़ा जिले के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में नई पहचान भी बना सकते हैं।
रिपोर्ट: अमित कुमार नाग



