चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के कुला गांव में गुरुवार को स्कूटी की टक्कर से एक 35 वर्षीय विवाहिता महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान गुरुवारी बोयपाई, पति सुरेश बोयपाई के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है। घटना की जानकारी देते हुए भाजपा जिला महामंत्री चक्रधरपुर रानी बंदिया ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 11 बजे से 11:30 बजे के बीच गुरुवार बोयपाई घर के पास पानी भर रही थी। इसी दौरान एक स्कूटी चालक, जो नशे की हालत में बताया जा रहा है, ने उसे सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद घायल महिला को इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा लाने की जरूरत थी, लेकिन समय पर एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी। एंबुलेंस मिलने में देरी के कारण अस्पताल पहुंचाने में काफी समय लग गया। सदर अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने जांच कर महिला को मृत घोषित कर दिया। रानी बंदिया ने बताया कि मृतका छह बच्चों की मां थी। उसके पति सुरेश बोयपाई फिलहाल चेन्नई में मजदूरी करते हैं। महिला की मौत के बाद उसके पांच बेटे और तीन-चार माह की छोटी बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने बच्चों के पालन-पोषण की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
भाजपा जिला महामंत्री ने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गोइलकेरा और मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा और एंबुलेंस व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर व्यवस्था होती या समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो शायद महिला की जान बच सकती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अनुबंध पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर जाने के बाद अब 108 एंबुलेंस चालक भी मानदेय नहीं मिलने के कारण आंदोलन पर हैं। इसके अलावा अस्पतालों में कार्यरत सिस्टर, नर्स और अन्य कर्मचारियों को भी समय पर वेतन नहीं मिलने की समस्या है, जिसका असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। रानी बंदिया ने कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों की ओर से कई वादे किए जाते हैं, लेकिन क्षेत्र की स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूल समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में बेरोजगारी बढ़ने के कारण लोग पलायन करने को मजबूर हैं। क्षेत्र की एकमात्र एसीसी सीमेंट फैक्ट्री भी बंद हो गई, जिसे बचाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। घटना के बाद कुला गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने की मांग की है।

