जमशेदपुर : प्रसिद्ध समाजसेवी स्वर्गीय के. के. सिंह की जयंती के अवसर पर आज साकची स्थित रेड क्रॉस भवन में एक भव्य ‘रक्तदान महायज्ञ’ का आयोजन किया गया। इस पुनीत कार्य में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मानवता की सेवा के लिए रक्तदान किया।

अतिथियों ने दीप जलाकर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक सविता महतो, विधायक मंगल कालिंदी, मेयर सुधा गुप्ता एवं समाजसेवी ए. के. श्रीवास्तव सहित शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया और रक्तदाताओं को पुष्प गुच्छ देकर उनका हौसला बढ़ाया।
“पिता के पदचिह्नों पर चल रहे हैं विकास सिंह”: सांसद
मुख्य अतिथि सांसद विद्युत वरण महतो ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय के. के. सिंह एक महान समाजसेवी थे जो सदैव गरीबों के उत्थान के लिए तत्पर रहते थे। आज उनके सुपुत्र विकास सिंह अपने पिता के दिखाए मार्ग पर चलते हुए निस्वार्थ भाव से समाज सेवा कर रहे हैं। सांसद ने विशेष रूप से विकास सिंह द्वारा आयोजित रक्तदान और नेत्र चिकित्सा शिविरों की सराहना की और इसे निरंतर जारी रखने की कामना की।
2016 से अनवरत जारी है सेवा का सफर : विकास सिंह
आयोजक विकास सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पिता रेड क्रॉस समिति के संस्थापक सदस्य थे और उनका पूरा जीवन मानवता के नाम समर्पित था। विकास सिंह ने बताया, “हमारा उद्देश्य समाज के हर जरूरतमंद तक मदद पहुँचाना है। झारखंड का सबसे बड़ा नेत्र शिविर भी हम हर वर्ष आयोजित करते हैं, जिसमें 300 से अधिक मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जाते हैं। यहां सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार और नेपाल से भी लोग इलाज के लिए आते हैं।”
रक्तदान है सबसे बड़ा दान : रश्मि सिंह
इस अवसर पर विकास सिंह की पत्नी रश्मि सिंह ने कहा कि उनके ससुर के लिए परिवार से ऊपर समाज था। उन्होंने कहा, “2016 से हम हर साल उनकी स्मृति में रक्तदान शिविर आयोजित करते हैं। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है, यह किसी की जान बचा सकता है।”
रक्तदाताओं में दिखा उत्साह
शिविर में शामिल हरहरगुट्टू की रहने वाली एक महिला रक्तदाता, जो वर्तमान में हैदराबाद में कार्यरत हैं, उन्होंने पांचवीं बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस में रक्तदान की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। यह रक्तदान महायज्ञ शाम 4:00 बजे तक जारी रहा, जिसमें शहर के जागरूक नागरिकों ने बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया।

