हरे रामा- हरे कृष्णा से गुंजा जमशेदपुर….

जमशेदपुर : इस्कोन जमशेदपुर के द्वारा ज्येष्ठ पूर्णिमा पर देव स्नान महोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का 108 कलशों से महास्नान हुआ। इसके बाद 56 भोग अर्पित किया गया और अब भगवान 15 दिनों के लिए एकांतवास (अनवसर) में रहेंगे। आषाढ़ मास की विश्वविख्यात रथयात्रा का काउंटडाउन ज्येष्ठ पूर्णिमा के देव स्नान महोत्सव से शुरू हो गया है। आज सोमवार को लौहनगरी जमशेदपुर के धालभूम क्लब में इस्कोन जमशेदपुर के द्वारा पूरे श्रद्धाभाव के साथ यह दिव्य उत्सव मनाया जा रहा है। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और हरिनाम संकीर्तन के बीच भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का 108 कलशों के पवित्र जल से राजसी स्नान कराया गया।
प्रकृति, आयुर्वेद और भक्ति का अद्भुत संगम…..
देव स्नान महोत्सव में महाप्रभु का अभिषेक केवल सादे जल से नहीं, बल्कि प्रकृति और आयुर्वेद के समन्वय से करवाया गया। भगवान को शीतल रखने और औषधीय लाभ के लिए निम्नलिखित पवित्र सामग्रियों का उपयोग किया गया गंगाजल और पंचामृत (दूध, दही, घी, मधु, चीनी) चंदन और अश्वगंधा का लेप, डाब (नारियल) का जल और विभिन्न प्रकार के फलों के रस से हुआ अभिषेक.
आयोजन की सफलता में रही इनकी प्रमुख भूमिका:
इस्कॉन जमशेदपुर के प्रमुख स्वामी पद्मनाभजगन्नाथ दास, भवानी शंकर गुप्ता, सन्नी संघी, शेखर पर्वत, सुमित अग्रवाल,
राजेश भगत, नीरज तिवारी, तन्नू, यश दुर्गे, पवन अग्रवाल, महावीर शर्मा समेत कई लोग उपस्थित थे।

