जमशेदपुर : पंजाब के चंडीगढ़ में रिटायर्ड बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर करीब दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही सीबीआई की रांची टीम ने बुधवार को जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र स्थित कीताडीह में छापेमारी कर टी शरद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं. सीबीआई ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद परसुडीह थाना लाकर प्रारंभिक पूछताछ की। इसके बाद उसे अपने साथ रांची ले गई, जहां विस्तृत पूछताछ के बाद उसे ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी कर चंडीगढ़ ले जाया जाएगा।

बैंक खाते से हुआ करोड़ों की ठगी का लेन-देन…..
पुलिस सूत्रों के अनुसार, साइबर ठगों ने ठगी की रकम के लेन-देन के लिए टी शरद के बैंक खाते का इस्तेमाल किया था। इसके बदले आरोपी को कमीशन मिलता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंचाई गई।
एक दिन पहले टुईलाडूंगरी में भी हुई थी कार्रवाई……
इससे पहले मंगलवार को सीबीआई ने गोलमुरी थाना क्षेत्र के टुईलाडूंगरी स्थित सरस्वती नगर में छापेमारी कर राजदीप सिंह को हिरासत में लिया था। दिनभर पूछताछ के बाद पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसे नोटिस देकर छोड़ दिया गया। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर राजदीप को पूछताछ के लिए चंडीगढ़ बुलाया जा सकता है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI कर रही जांच……
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में चंडीगढ़ के एक रिटायर्ड कार्यपालक अभियंता को डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर करीब दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई थी। मामला अदालत में लंबित है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर इस हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया है। अब जमशेदपुर में लगातार हो रही छापेमारी से इस अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क के कई और राज खुलने की संभावना जताई जा रही है।

