जमशेदपुर। अन्ना चौक से NH-33 मुख्य राजमार्ग और स्टेट हाईवे को जोड़ने वाली लुआबासा पुलिया पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में है। इस पुलिया से प्रतिदिन सैकड़ों मजदूर, राहगीर और भारी वाहन आवागमन करते हैं। जर्जर पुलिया के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और कई लोग हादसे का शिकार भी हो चुके हैं।

पुलिया की बदहाल स्थिति से आहत होकर लुआबासा के एक ग्रामीण ने रविवार को अति दुःखी मन से हवन किया। ग्रामीण का कहना था कि यह हवन किसी धार्मिक आयोजन के लिए नहीं, बल्कि पुलिया से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षित यात्रा की कामना के लिए किया गया है।
उन्होंने कहा कि “किसी मां की गोद सूनी न हो, किसी बहन का सिंदूर न मिटे और कोई परिवार सड़क हादसे के कारण बर्बाद न हो।” जर्जर पुलिया को लेकर ग्रामीणों में गहरी चिंता और आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के जिला पार्षद, विधायक और सांसद भी इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन वर्षों से पुलिया की हालत जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों द्वारा बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब छह महीने पहले हस्ताक्षर अभियान चलाकर उपायुक्त (DC) को आवेदन दिया गया था, जिसमें लुआबासा पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की गई थी। इसके बावजूद अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जब पत्रकार ने स्थानीय ग्रामीणों से पुलिया की स्थिति और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर बात की, तो लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति खासा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की स्थिति किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
अब देखना होगा कि लुआबासा पुलिया की जर्जर स्थिति और ग्रामीणों के हवन की यह खबर सामने आने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद खुलती है या नहीं। क्या पुलिया की मरम्मत जल्द शुरू होगी या फिर ग्रामीणों को किसी बड़े हादसे का इंतजार करना पड़ेगा?
