चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक ऐतिहासिक और बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमेटी सदस्य सालुका कायम समेत कुल चार कुख्यात नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस के ‘ऑपरेशन नवजीवन-III’ के तहत की गई है।

मुख्य बिंदु :
- प्रमुख नक्सली : सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर (जोनल कमेटी सदस्य, 10 लाख रुपये का इनामी)।
- कुल आत्मसमर्पण करने वाले : 4 नक्सली (जिसमें प्रमुख रूप से सालुका कायम और अन्य दस्ता सदस्य शामिल हैं)।
- बरामदगी : सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने एके-47 (AK-47) राइफल, इंसास राइफल, वायरलेस सेट और भारी मात्रा में कारतूस सुरक्षा बलों को सौंपे।
96 से अधिक मामलों का था आरोपी, छोड़ी हिंसा की राह
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य इनामी नक्सली सालुका कायम के खिलाफ अकेले पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न थानों में लगभग 90 और सरायकेला जिले में 6 मामले दर्ज हैं। यानी उस पर कुल 96 आपराधिक मामले दर्ज थे। लंबे समय से पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें सारंडा, कोल्हान और पोड़ाहाट के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही थीं।
सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और शासन की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। प्रशासन का मानना है कि इन बड़े नक्सलियों के आत्मसमर्पण से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को करारा झटका लगा है और इलाका पूरी तरह शांति व विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।
