जमशेदपुर : श्रीनाथ कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन और श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने संयुक्त तत्वाधान मे 19 और 20 अगस्त 2026 को बड़े उत्साह के साथ दो दिवसीय ” श्रीनाथ श्रावणी संगम” -7, 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम में सावन मास से जुड़ी सांस्कृतिक गतिविधियों को साथ लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम मे अतिथि सह निर्णायक के रूप मे डॉ. रम्यता प्रफुल्ल (मिसेज इंडिया एशिया पैसिफिक) और डॉ. तनुश्री बोस (ब्रांड एंबेसडर – आदित्यपुर नगर निगम), सुश्री पूनम महानंद संस्थापक ‘निनाद’, मिष्टू मुखर्जी को-फाउंडर औफ डानफिट इन्टरनेशनल, डा. सुमन कुमारी सहायक प्राध्यापक इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन तथा

आकाश मूर्ति लाईव परफार्मर रहे।
डॉ रम्यता प्रफुल्ल ने इस अवसर पर कहा कि कार्यक्रम बहुत अच्छा हुआ है और बच्चे बहुत अनुशासित है। इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को एक अवसर मिलता है कि वे पढ़ाई के साथ-साथ कुछ अलग चीजों में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर सके। डॉ तनुश्री बोस ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी कला के प्रदर्शन में बहुत मेहनत किया है। एक निर्णायक के रूप में मैं बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहूंगी। इसी तरह से वे मेहनत करते रहे मुझे विश्वास है कि वे आगे जाकर और अच्छा करेंगे। पूनम महानंद ने भी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप लोग बहुत अच्छा कर रहे है आगे भी आप पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे ही अन्य गतिविधियों में भी खुद को सक्रिय बनाए रखें।
महोत्सव में कई तरह की रंग-बिरंगी प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल थीं, जैसे ‘मेहंदी रंग लाई’, ‘रेशम की डोर’, ‘दुल्हन वही जो पिया मन भाए’, ‘नाचे मन मोरा’, ‘श्रावणी काव्यांजलि, रैम्प वौक और मिस्टर एंड मिस सावन’ इत्यादि । छात्रों ने सभी प्रतियोगिताओ मे उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी कलात्मक क्षमता, रचनात्मकता, पारंपरिक वेशभूषा और मंच पर अपनी उपस्थिति से सभी को मुग्ध किया। 
जहाँ विभिन्न प्रतियोगिताओ मे विद्यार्थियों ने अपना स्थान सुरक्षित किया वहीं मिस्टर सावन श्वेत कुमार भगत और मिस सावन पापिया दास बनी । दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में छात्रों और सहायक प्राध्यापको ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कैंपस संगीत, रंगों, पारंपरिक वेशभूषा के रंग से सराबोर रहा। इस कार्यक्रम ने छात्रों को भारतीय परंपराओं को समझने और सराहने के साथ-साथ रचनात्मकता, टीम वर्क, बातचीत की कला, आत्मविश्वास और नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण कौशल विकसित करने मे भी सहायक सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरण समारोह के साथ हुआ । 



























































