धनबाद। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) को आने वाले वर्षों में पूरी तरह नए स्वरूप में विकसित करने की तैयारी है। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के कायाकल्प पर कुल 964.74 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें डीएमएफटी फंड से 770 करोड़ रुपए के अलावा झारखंड सरकार के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 194.74 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की ओर से इस संबंध में महालेखाकार को स्वीकृति पत्र जारी किया गया है। योजना का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक प्रोजेक्ट को पूरा करना है। स्वीकृति के बाद शनिवार को मुख्यालय के अधिकारियों ने SNMMCH प्रबंधन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर प्रस्तावित कार्यों और प्रोजेक्ट की प्रगति पर चर्चा की।
बढ़ेंगी मेडिकल की सीटें
कायाकल्प योजना के तहत मेडिकल शिक्षा का भी बड़े स्तर पर विस्तार किया जाएगा। कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव है। वहीं पीजी में करीब 200 सीटें उपलब्ध कराने और पोस्ट पीजी की सीटों को मौजूदा 16 से बढ़ाकर 50 करने की योजना है। इससे मेडिकल शिक्षा के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता भी बढ़ने की उम्मीद है।
85 करोड़ से खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण
स्वीकृत 194.74 करोड़ रुपए में लगभग 85 करोड़ रुपए अत्याधुनिक चिकित्सा एवं जांच उपकरणों की खरीद पर खर्च होंगे। इससे अस्पताल में मरीजों की जांच और इलाज की सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी है। इसके अलावा करीब 71 करोड़ रुपए की लागत से जी+12 बहुमंजिला आवासीय भवन बनाया जाएगा। इसमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और पोस्ट पीजी डॉक्टरों के लिए आवास की व्यवस्था होगी।
नए पोस्टमार्टम हाउस और मॉर्च्युरी के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं करीब 1.31 करोड़ रुपए से अस्पताल का नया प्रवेश द्वार और चहारदीवारी बनाई जाएगी। पुराने ओपीडी सहित अनुपयोगी भवनों और जर्जर क्वार्टरों को हटाने के लिए 1.25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
डीएमएफटी से भी मिलेंगे 770 करोड़
SNMMCH के बड़े विस्तार के लिए डीएमएफटी से दो चरणों में 495 करोड़ और 275 करोड़ रुपए, यानी कुल 770 करोड़ रुपए मिलने हैं। झारखंड कैबिनेट से इसकी मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। प्रस्तावित योजना के तहत मौजूदा पुरानी ओपीडी बिल्डिंग को हटाकर पीजी सेक्शन परिसर में तीन नई बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा। अस्पताल का इनडोर विभाग भी नए भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा। योजना में एकेडमिक और क्लिनिकल भवनों को अलग-अलग विकसित करने की भी तैयारी है।
अगर परियोजना तय समयसीमा में पूरी होती है तो SNMMCH में मेडिकल शिक्षा, मरीजों के इलाज, जांच सुविधाओं और चिकित्सकों के लिए आधारभूत संरचना में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
