जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में हुए छत हादसे के पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिए जाने के मामले में अब स्वास्थ्य विभाग के दावे और अस्पताल के आधिकारिक RTI जवाब के बीच कथित विरोधाभास सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने हाल में प्रकाशित खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया था कि सरकार की ओर से मुआवजे की राशि जारी कर दी गई है और सभी पात्र लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है। उन्होंने रिपोर्टों में गलत जानकारी दिए जाने की बात भी कही थी।

मंत्री के इस बयान पर जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु ने सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री का दावा उनके ही विभाग के अधीन एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओर से दिए गए लिखित एवं आधिकारिक RTI जवाब से मेल नहीं खाता है. सौरभ विष्णु के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जन सूचना पदाधिकारी की ओर से दिए गए RTI जवाब में बताया गया है कि मुआवजा राशि से संबंधित प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जवाब के मुताबिक राशि सिविल सर्जन स्तर से उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचने और इसके बाद सत्यापन तथा DBT के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया में लंबित है।
पीड़ित परिवारों ने भी भुगतान नहीं मिलने की बात कही……
मामले में पीड़ित परिवारों की ओर से भी मुआवजा राशि प्राप्त नहीं होने का दावा किया गया है। लुकास साइमन तिर्की की भतीजी विक्टोरिया तिर्की, डेविड जॉनसन की पत्नी एलिन जॉनसन और श्रीचंद तांती की बेटी प्रमिला कुमारी ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्हें अब तक मुआवजे की राशि प्राप्त नहीं हुई है।
जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु ने कहा कि एक ओर मंत्री की ओर से मुआवजा दिए जाने की बात कही जा रही है, जबकि दूसरी ओर विभागीय अस्पताल के RTI जवाब में भुगतान की प्रक्रिया लंबित बताई गई है। ऐसे में वास्तविक स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी है. उन्होंने कहा, “यदि वास्तव में मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है, तो सरकार को भुगतान की तारीख, बैंक ट्रांसफर का विवरण और संबंधित प्रमाण सार्वजनिक करना चाहिए। यदि भुगतान अभी लंबित है, तो इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट करते हुए तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।”
विभाग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग…..
जन विकास मंच ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले में स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की है। मंच ने तीनों पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में मुआवजा राशि के भुगतान की वास्तविक तिथि और भुगतान से संबंधित प्रमाण उपलब्ध कराने की भी मांग की है. मंच का कहना है कि मामला किसी राजनीतिक दल या राजनीतिक गतिविधि से जुड़ा नहीं है, बल्कि हादसे से प्रभावित परिवारों को उनके अधिकार का मुआवजा और मामले की वास्तविक स्थिति की जानकारी दिलाने से संबंधित है।
