रांची/दरभंगा : “जिस बिटिया का बड़े धूमधाम से शादी किया, एक पढ़े-लिखे M-Tech पास इंजीनियर लड़का खोज कर उसके हाथों में अपनी बिटिया का हाथ सौंपा, उसी दरिंदे ने मेरी फूल सी बिटिया का कत्ल कर दिया। मैं एक ऐसा अभागा बाप हूं कि अपनी ब्याहता बेटी की चिता को आग दे कर आ रहा हूं।” यह कहते हुए फफक-फफक कर रो पड़ते हैं नेपाल के जाने-माने स्वर्ण व्यवसायी पवन कुमार ठाकुऱ। उनका इल्जाम है कि दामाद रजनीश ठाकुर ने बेरहमी से उनकी 30 साल की बेटी तुलसी ठाकुर की हत्या कर दी। भोर के करीब साढ़े तीन बजे गहरी नींद में सो रही तुलसी के सिर पर पहले मूसल से ताबड़तोड़ वार किया गया। इसके बाद बदन के अलग-अलग हिस्सों पर दनादन छुरा मार कर लहूलुहान कर दिया गया। तुलसी की बेटी और बेटे भी वारदात के वक्त कमरे में अपनी मां के साथ सो रहे थे। बेटी की गहरी नींद तब टूटी, जब मां तुलसी ठाकुर के खून के छींटे उसके चेहरे पर पड़े। जब उसकी आंखें खुली तो सामने का मंजर देख उसकी चीख निकल गयी। नतनी के अनुसार… उसके पापा रजनीश ठाकुर के सिर पर खून सवार था। वह अपनी पत्नी पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर रहे थे। वहीं, उसके दादा ब्रजकिशोर ठाकुर और दादी शीला देवी कमरे में खड़े सबकुछ देख रहे थे। इल्जाम है कि ये दोनों तुलसी के हाथ-पैर पकड़े हुए थे और रजनीश वार कर रहा था। थोड़ी ही देर बाद बेतरह जख्मी तुलसी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

साल 2011 में हुई थी शादी
नेपाल के जनकपुर धाम के रहने वाले स्वर्ण व्यवसायी पवन ठाकुर अपनी कांपती आवाज में आगे बताते हैं… “बेटी तुलसी ठाकुर की शादी साल 2011 में दरभंगा के नेहरा गांव के रहने वाले रजनीश ठाकुर से की थी। उस वक्त दहेज के तौर पर जो कुछ डिमांड किया गया, वो सब कुछ दिया। शादी के करीब 8-9 महीने बाद बिटिया को सताने, रुलाने और टॉर्चर करने का दौर शुरू हो गया। उसे ससुराल में मारा-पीटा तक जाने लगा। इसको लेकर कई दफा पंचायत भी हुई। गांव वालों के सामने रजनीश ने माफी भी मांगी। कुछ महीनों तक सबकुछ ठीक रहता, फिर वही कहानी दोहरायी जाती। इसी बीच बिटिया मां बनी। उसने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद उसके ससुराल वालों का टॉर्चर और बढ़ गया। पवन ठाकुर ने बताया कि परेशान होकर वह अपनी नतनी को अपने साथ नेपाल ले गये। करीब ढाई साल उसे अपने पास रखा। इसके बाद तुलसी ने दो बेटों को जन्म दिया। किस्मत देखिये… छोटा बेटा ब्लड कैंसर से पीड़ित है।
छह महीने नेपाल में काम भी सीखा था आरोपी रजनीश
शादी के वक्त रजनीश गांव में नहीं रहता था। उसने बाहर रह कर पढ़ाई की थी। M-Tech की डिग्री हासिल कर वह इंजीनियर बन गया। पर पिता ब्रजकिशोर ठाकुर ने उसे कहीं नौकरी नहीं करने दी। उसने गांव में ही अपने दुकान पर लाकर बेटे को बैठा दिया। रजनीश को सोना-चांदी से जुड़े काम का कोई अनुभव नहीं था। उसके पिता ब्रजकिशोर ठाकुर अक्सर कहते कि मेरे बेटे को अलग बिजनेस करवा दीजिये। इसके बाद दामाद को नेपाल बुलाकर अपने जेवर की फैक्ट्री में करीब छह महीने काम सिखाया। सोचा था कि काम सीख जायेगा तो दरभंगा या मधुबनी में एक जेवर दुकान खोलकर दे दूंगा। जिससे उसकी और मेरी बेटी का जीवन खुशी-खुशी चलता रहेगा। मगर छह महीनों में भी वह काम नहीं सीख पाया और अपने घर नेहरा लौट गया। पवन ठाकुर ने बताया कि “रजनीश बीते एक साल से घर पर बैठा रहता था। बीवी-बच्चों के साथ गाली-गलौज और मार-पीट तक करते रहता था। मैने बेटी तुलसी को कई बार कहा कि वह नेपाल आ जाये, पर जिस संस्कार में वह पली-बढ़ी, उस संस्कार के चलते ससुराल छोड़कर मायके नहीं आयी। वह सिर्फ इतना कहती… पापा यह मेरा घर है। वक्त के साथ सबकुछ ठीक हो जायेगा। ससुराल में बढ़ते टॉर्चर के बीच एक बार वह नेपाल आने को तैयार भी हो गयी। पर इस बार उसके पैरों में छोटे बेटे की बीमारी की जंजीर बांध दी गयी। उससे बेटे को नेहरा में ही छोड़ कर जाने तो कहा गया। इस पर तुलसी राजी नहीं हुई। ब्लड कैंसर से जूझ रहे अपने जिगर के टुकड़े को वह उन जालिमों के पास छोड़कर नहीं आना चाहती थी।” पवन ठाकुर कहते हैं कि अगर उस वक्त बेटी नेपाल आ जाती तो शायद आज जिंदा होती।
वारदात वाले रोज मछली-भात बनायी थी तुलसी
पवन ठाकुर ने बताया कि वारदात के रोज बेटी तुलसी ने खाने में सभी के लिए मधली भात बनाया था। सभी को खाना परोसा और खिलाया भी। पर खुद नहीं खायी। नतनी ने जब पूछा कि खाना क्यों नहीं खायी मां? तो तुलसी ने जवाब दिया… सिर में बहुत दर्द है। थोड़ी देर सोकर आराम करूंगी। दर्द से राहत मिलेगी, तब उठ कर खाना खा लूंगी। पर वह कभी नहीं उठी।
भारत सरकार से नयाय की आस लगाये बैठे हैं दुखी पिता
अपनी विवाहित बेटी की मौत पर दुखी पिता पवन ठाकुर ने नेपाल और भारत के रोटी-बेटी वाले रिश्ते पर भी सवाल उठाय़ा है। उन्होंने कहा कि अगर नेपाल की बेटियां शादी कर भारत जाती हैं और वहां उसे दर्दनाक मौत दी जाती है तो इस ओर सरकार को ठोस कदम उठाना होगा। पवन ठाकुर ने अपनी बेटी के गुनहगारों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की है। बता दें कि संदेही गुनहगार रजनीश ठाकुर को नेहरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, घर के बाकी सदस्य फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। अंत में पवन ठाकुर यह हते हुए फफक कर रो पड़ते हैं कि चंद पैसों की खातिर मेरी जिगर के टुकड़े को छियां-छियां कर मार डाला। ऐसी मौत भगवान किसी बेटी, बहू और बहन को दें। सुनें मारी गयी तुलसी ठाकुर के दुखी पिता पवन कुमार ठाकुर और नतनी की जुबानी, वारदात की पूरी कहानी…
