कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया है। दशकों के संघर्ष के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पहली बार बंगाल की सत्ता पर काबिज होने जा रही है। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि बंगाल की जनता ने इस बार ‘परिवर्तन’ की लहर पर मुहर लगा दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने एलान किया है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा।

रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर होगा ‘नूतन’ बंगाल का आगाज
9 मई का दिन बंगाल के लिए सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। इस दिन विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती है। बांग्ला कैलेंडर के अनुसार इसे ‘पचीशे बैशाख’ कहा जाता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस दिन को चुनकर भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह बंगाल की संस्कृति और विरासत (सोनार बांग्ला) के संकल्प के साथ आगे बढ़ेगी।
नतीजों की बड़ी बातें:
- ऐतिहासिक जीत: भाजपा ने 294 सीटों वाली विधानसभा में पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।
- ममता की हार: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से हार का सामना करना पड़ा है।
- मुख्यमंत्री का सस्पेंस: फिलहाल भाजपा ने मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की है, लेकिन सुवेंदु अधिकारी और समिक भट्टाचार्य के नामों की चर्चा जोरों पर है।
ममता बनर्जी का तीखा हमला: “लोकतंत्र की हत्या हुई”
चुनाव नतीजों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बेहद आक्रामक नजर आईं। उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा पर मिलीभगत का आरोप लगाया। ममता ने कहा:
“यह जनादेश नहीं, बल्कि साजिश है। निर्वाचन आयोग और भाजपा ने मिलकर 100 से ज्यादा सीटें लूटी हैं। हमारे एजेंटों को पीटा गया और बूथों से बाहर निकाल दिया गया। हम इस लड़ाई को कोर्ट तक ले जाएंगे।”
राहुल गांधी की चेतावनी: “यह पूरे भारत का मुद्दा है”
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने टीएमसी की हार पर जश्न मनाने वाले विपक्ष के अन्य नेताओं को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि यह हार किसी एक पार्टी की नहीं है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे में आ रहे बदलाव का संकेत है। उन्होंने विपक्षी दलों से छोटी राजनीति छोड़कर एकजुट होने की अपील की।
शपथ ग्रहण की तैयारी
9 मई को होने वाले समारोह के लिए कोलकाता के ऐतिहासिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।
अगले 48 घंटों में भाजपा विधायक दल की बैठक होने वाली है, जिसमें ‘बंगाल के नए मुख्यमंत्री’ के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
