पटना। जन सुराज पार्टी के संस्थापक व वरीय सदस्य प्रशांत किशोर का दो विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची में नाम दर्ज है। इसे गंभीरता से लेते हुए करगहर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी सह डीसीएलआर अशोक प्रसाद ने उन्हें नोटिस भेज तीन दिन के अंदर पक्ष रखने का निर्देश दिया है। निर्वाची पदाधिकारी द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद सियासी गलियारे में चर्चा तेज हो गई है। निर्वाची अधिकारी ने यह नोटिस मीडिया में खबर आने के बाद भेजा है।

जसुपा नेता को भेजे नोटिस में निर्वाची पदाधिकारी ने कहा है कि प्रशांत किशोर का नाम पश्चिम बंगाल के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के संत हेलेन स्कूल बी. रानी शंकरी लेन मतदान केंद्र की मतदाता सूची में भी दर्ज है। वहीं, करगहर विधानसभा क्षेत्र के मध्य विद्यालय कोनार स्थित मतदान केंद्र संख्या 367 की मतदाता सूची के क्रम संख्या 621 पर अंकित है। मतदाता पहचान पत्र संख्या आईयूआई 3123718 है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 17 के अनुसार एक अधिक से निर्वाचन क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को रजिस्ट्रीकृत नहीं किया जाएगा, इसलिए एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में नाम अंकित होने के संबंध में तीन दिन के अंदर अपना पक्ष रखना सुनिश्चित करें।
क्या बोले प्रशांत किशोर?
अब इस पूरे मामले में पीके की प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रशांत किशोर ने कहा है कि अगर दो जगह मतदाता-सूची में मेरा नाम है तो चुनाव आयोग को बताना चाहिए कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) हुआ, तो मेरा नाम क्यों नहीं कटा? पीके ने आगे कहा, 2019 से करगहर में मेरा नाम है। बीच में दो वर्ष बंगाल गया था तो वहां मतदाता बना था। चुनाव आयोग नोटिस क्यों भेज रहा है, अगर मेरी गलती है तो गिरफ्तार कर ले।
