उत्तर प्रदेश : यूपी के रहने वाले IPL खिलाड़ी और दिल्ली कैपिटल्स टीम के ऑलराउंडर विपराज निगम को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। महिला क्रिकेटर ने आरोप लगाया है कि विपराज ने उसे धोखा देकर रेप और मारपीट की। पीड़िता बुधवार को नोएडा ACP ऑफिस पहुंची और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित महिला क्रिकेटर का दावा है कि विपराज ने उसे होटल में बुलाया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद शादी की बात करने पर विपराज नाराज हो गए और उन्होंने महिला को पीटा और धक्का देकर होटल के कमरे से बाहर निकाल दिया। पीड़िता ने बताया कि उनका और विपराज का संबंध जून 2025 से चल रहा था और पहले भी वे एक-दूसरे के संपर्क में थे।

महिला क्रिकेटर पहले भी लखनऊ में पुलिस अधिकारियों से मिल चुकी है और मामले में लिखित शिकायत दे चुकी है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि इसमें महिला की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी संवेदनशीलता है। वहीं, विपराज निगम ने 9 नवंबर को बाराबंकी में महिला के खिलाफ केस दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने उन्हें इंटरनेशनल नंबरों से कॉल करके पैसों की डिमांड की और कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वीडियो वायरल कर उन्हें बदनाम कर देगी। विपराज ने पुलिस से शिकायत की कि इस मामले में उनके साथ भी मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न हुआ है। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों से बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। विपराज निगम, जो दाएं हाथ के बल्लेबाज और लेग ब्रेक गेंदबाज हैं, दिल्ली कैपिटल्स टीम के लिए खेलते हैं। उनकी पहचान IPL में ऑलराउंडर प्लेयर के रूप में है। इस मामले के खुलासे से क्रिकेट जगत में भी चर्चा शुरू हो गई है और खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी और नैतिकता पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे मामलों में महिला सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण है। पीड़ित महिला के बयान और सबूतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जनता से अपील की है कि इस मामले में अफवाहों और सोशल मीडिया पर प्रसारित तथ्यों पर ध्यान न दें। इस विवाद के बाद क्रिकेट फैंस और समाज में इस मुद्दे पर गहन बहस शुरू हो गई है। मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने जांच को गुप्त और संवेदनशील रखा है, ताकि किसी भी पक्ष को अनावश्यक मानसिक दबाव न पड़े।
