जमशेदपुर/कोलकाता : केबुल इंडस्ट्रीज लिमिटेड की जमीन और संपत्तियों को लेकर चल रहे लंबे विवाद पर अब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), कोलकाता ने बड़ा और अंतिम फैसला सुना दिया है। ट्रिब्यूनल ने साफ कर दिया है कि केवल कंपनी की संपत्ति पर किसी भी व्यक्ति या संस्था का स्वामित्व दावा, कब्जा या लेन-देन पूरी तरह अवैध माना जाएगा।
IBC 2016 के तहत हुआ निर्णायक फैसला…..
केबुल इंडस्ट्रीज लिमिटेड पिछले कई वर्षों से इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) 2016 के अंतर्गत कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही थी। इस मामले में जयंत बनर्जी बनाम केबल इंडस्ट्रीज लिमिटेड वाद की सुनवाई करते हुए NCLT कोलकाता ने 3 दिसंबर 2025 को अहम आदेश पारित किया।
ट्रिब्यूनल ने वेदांता लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत रिज़ॉल्यूशन प्लान को अंतिम मंजूरी दे दी है।
अब वेदांता के पास गए सभी अधिकार
एनसीएलटी के आदेश के अनुसार — केबल इंडस्ट्रीज की संपत्तियों में निहित सभी अधिकार, स्वामित्व और हित अब पूरी तरह वेदांता लिमिटेड को हस्तांतरित हो चुके हैं।
वेदांता को 90 दिनों के भीतर अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आम जनता को सख्त चेतावनी…..
वेदांता लिमिटेड ने सार्वजनिक सूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि —
केबल इंडस्ट्रीज की जमीन या भवन पर कोई भी अनधिकृत कब्जा, अतिक्रमण, खरीद-फरोख्त / लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित और गैरकानूनी है।
ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ दीवानी (सिविल) और आपराधिक (क्रिमिनल) — दोनों तरह की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सत्यापन के लिए सीधे संपर्क की अपील……
वेदांता ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की जानकारी, दस्तावेज़ या सत्यापन के लिए सीधे वेदांता के अधिकृत कार्यालय से संपर्क किया जाए। किसी तीसरे पक्ष, बिचौलिये या अफवाहों पर भरोसा न करें।
केबल इंडस्ट्रीज को आवंटित जमीन का पूरा ब्यौरा……
कुल भूमि: 177 एकड़
कंपनी परिसर : 30.40 एकड़
आवासीय क्षेत्र : 49.25 एकड़
विद्यालय, क्लब व मंदिर : 7.85 एकड़
परती भूमि : 53.35 एकड़
अतिक्रमित भूमि : 1.15 एकड़
अवैध दखल वाली जमीन : 5.67 एकड़
सड़क, गली व अन्य : 29.33 एकड़
निष्कर्ष…..
एनसीएलटी के इस फैसले के बाद केबुल इंडस्ट्रीज की जमीन पर किसी भी तरह का दावा अब सीधे कानून से टकराने जैसा होगा। प्रशासन और वेदांता दोनों की नजर अब अवैध कब्जेदारों और दलालों पर है।
