संवाददाता शिबू कुमार रजक की खास रिपोर्ट/राँची : पैरा बैडमिंटन में चयन प्रक्रिया को लेकर देशभर में भूचाल आ गया है। कमल अग्रवाल ने चयन में भ्रष्टाचार, पैसे की मांग और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
आरोप है कि योग्य होने के बावजूद खिलाड़ियों को बाहर किया जाता रहा है जबकि कथित तौर पर दो लाख रुपये की मांग की गई। रकम न देने पर खिलाड़ी कमल अग्रवाल को खेलने से रोका गया और सुरक्षा गार्ड को बुलवाकर धक्का-मुक्की तक कारवाई गई।
पैरा बैडमिंटन में खिलाड़ियों के चयन को लेकर देशभर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पैरा बैडमिंटन खिलाडी कमल अग्रवाल ने चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि लगातार नियमों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से खिलाड़ियों का चयन किया जा रहा है, जिसके कारण कई योग्य खिलाड़ी टीम से बाहर हो रहे हैं।
कमल अग्रवाल के गंभीर आरोप……
कमल अग्रवाल का कहना है कि वे सभी आवश्यक मानकों पर खरे उतरने के बावजूद चयन से वंचित कर दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों द्वारा कथित रूप से पैसे लेकर अन्य खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया। उनका दावा है कि इस प्रक्रिया में पलक कोहली का नाम भी सामने आया, जिन्हें बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) द्वारा चयन प्रक्रिया में कथित रूप से गलत तरीके से शामिल किया गया था, जिसे बाद में बाहर कर दिया गया।कमल कहते है कि उनके पास तामम तरह के सबूत मौजूद है।
पलक कोहली से जुड़ा मामला बना चर्चा का केंद्र…….
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू भारत की ओर से खेलने वाली पलक कोहली से जुड़ा है। आरोप है कि उनका चयन तय नियमों के अनुरूप नहीं किया गया था। जानकारी के अनुसार, विश्व बैडमिंटन महासंघ (BWF) द्वारा डिसक्वालीफाई किए जाने के बाद वे आगामी वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में भाग नहीं ले सकेंगी।
इसी पलक कोहली से शिकायत करवाकर प्रभाकर राव व गौरव खन्ना ने कई होनहार खिलाड़ियों को निकाल दिया व उनका भविष्य चौपट कर दिया, ऐसे मे अब खुद पलक कोहली ही सवालों के घेरे मे आ गई है
भुवनेश्वर में 2021 से लेकर जमशेदपुर 2024 तक का विवाद……
कमल अग्रवाल के अनुसार, उन्होंने पूरी जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद भुवनेश्वर में 2021 में प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए मैच खेला था। जिसका सर्टिफिकेट भी है, लेकिन आरोप है कि लखनऊ 2023 में उनसे कथित तौर पर दो लाख रुपये की मांग की गई। रकम न देने पर उन्हें खेलने से वंचित कर दिया गया और इस दौरान सुरक्षा गार्ड द्वारा कथित रूप से उनके साथ धक्का-मुक्की भी की गई।
कमल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में गौरव खना, डॉ. पुलक और पैरा बैडमिंटन के चेयरमैन प्रभाकर राव की भूमिका संदिग्ध रही है।
जमशेदपुर में हाथापाई का आरोप……
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब 2024, जमशेदपुर (झारखंड) में प्रभाकर राव द्वारा कमल अग्रवाल के साथ कथित रूप से हाथापाई की गई। इसके बाद कमल अग्रवाल ने डायल 100 पर सूचना देकर प्रशासन से सहायता ली। आरोप है कि इसके बावजूद प्रभाकर राव द्वारा कमल अग्रवाल जैसे खिलाड़ियों को लगातार धमकियां दी जा रही हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग……
कमल अग्रवाल सहित अन्य खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने पूरे चयन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि पैरा बैडमिंटन और देश के पैरा खेलों की साख को बचाया जा सके।
