लोकतंत्र सवेरा डेस्क : झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव के सभी पदों के लिए आरक्षण तय कर दिया है। इससे संबंधित गजट अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। लंबे समय से टल रहे शहरी निकाय चुनाव अब आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले चरण में प्रवेश कर चुके हैं।



मेयर पदों का आरक्षण – पूरी तस्वीर…..
जारी गजट के अनुसार राज्य के 9 नगर निगमों में से—
4 नगर निगमों के मेयर पद आरक्षित किए गए हैं
5 नगर निगमों के मेयर पद अनारक्षित (सामान्य) रहेंगे
🔹 रांची नगर निगम – मेयर पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित
🔹 आदित्यपुर नगर निगम – मेयर पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित
🔹 हजारीबाग नगर निगम – मेयर पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 (OBC-1) के लिए आरक्षित
🔹 गिरिडीह नगर निगम – मेयर पद अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित
वहीं दूसरी ओर……
🔸 धनबाद, देवघर, मेदिनीनगर, चास और मानगो नगर निगम के मेयर पद अनारक्षित (सामान्य) घोषित किए गए हैं।
👉 खास बात यह है कि मानगो नगर निगम का मेयर पद सामान्य वर्ग के लिए रखा गया है।
50% आरक्षण की सीमा का पालन…..
नियमों के अनुसार किसी भी निकाय में 50 प्रतिशत से अधिक पद आरक्षित नहीं किए जा सकते, इसी कारण 9 में से केवल 4 मेयर पद ही आरक्षित रखे गए हैं।
अध्यक्ष पदों पर भी आरक्षण तय…..
- नगर परिषदों के 20 अध्यक्ष पदों में से 10 पद आरक्षित।
- नगर पंचायतों के 19 अध्यक्ष पदों में से 9 पद आरक्षित घोषित किए गए हैं।
चुनाव की तारीखों का इंतजार…..
गौरतलब है कि राज्य के 13 शहरी निकायों में वर्ष 2020 से चुनाव लंबित हैं। पहले वार्ड स्तर पर सीटों का आरक्षण तय किया गया था और अब मेयर व अध्यक्ष पदों के आरक्षण की घोषणा भी हो चुकी है।
अब सबकी निगाहें नगर निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा पर टिकी हैं।
राजनीतिक सरगर्मी तेज, दावेदारों की तैयारी शुरू….
आरक्षण तय होते ही शहरी राजनीति में हलचल बढ़ गई है। संभावित प्रत्याशी अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
