प्रयागराज : प्रयागराज में चल रहे पावन माघ मेले के दौरान एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण देखने को मिला, जब झारखंड के जमशेदपुर की रहने वाली साध्वी अमरजीत शेरगिल का जूना किन्नर अखाड़ा में विधिवत पुनः पटाभिषेक संपन्न हुआ। यह गरिमामय आयोजन जूना किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ।
पटाभिषेक से पूर्व पिंडदान की विधि पूरी श्रद्धा के साथ की गई। इसके उपरांत शास्त्रोक्त रीति-रिवाजों के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार, साधु-संतों के आशीर्वाद और आध्यात्मिक अनुष्ठानों के बीच साध्वी अमरजीत शेरगिल का पटाभिषेक किया गया। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
पटाभिषेक के साथ ही साध्वी अमरजीत शेरगिल का नव नामकरण करते हुए उन्हें “श्री श्री 1008 अमरजीत नंद गिरि” की उपाधि प्रदान की गई। साथ ही, उनके तप, साधना और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए जूना किन्नर अखाड़ा की ओर से उन्हें झारखंड प्रदेश का सचिव भी घोषित किया गया।
इस अवसर पर अखाड़े से जुड़े कई साधु-संत, महामंडलेश्वर, श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे। समारोह ने न केवल आध्यात्मिक परंपराओं की गरिमा को दर्शाया, बल्कि किन्नर अखाड़े की सशक्त उपस्थिति और सामाजिक-धार्मिक भूमिका को भी मजबूती से रेखांकित किया।
🔱 यह पटाभिषेक झारखंड के लिए गौरव का क्षण है, जो आध्यात्मिक समर्पण और साधना की नई पहचान बनकर उभरा है।
