जमशेदपुर : बारीडीह क्षेत्र के डोंगा घाट, बजरंग चौक में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब 11 वर्षीय मासूम अंकुश कालिंदी (निवासी – बिरसानगर) नदी में डूब गया। घटना के तुरंत बाद इसकी सूचना सिदगोड़ा थाना को दी गई, बावजूद इसके देर रात तक कोई ठोस खोज-बचाव अभियान शुरू नहीं किया जा सका।
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परिजन और स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना मिलने के बाद भी प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिलता रहा, ज़मीन पर कोई कार्रवाई नहीं दिखी। बच्चे की तलाश के लिए न तो गोताखोर पहुंचे और न ही आपदा प्रबंधन की टीम।
प्रशासनिक सुस्ती से गुस्से में लोग……
घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता संघ ने उपायुक्त (DC) और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को ई-मेल, मैसेज और सोशल मीडिया (ट्वीट) के माध्यम से तत्काल कार्रवाई की मांग की, लेकिन देर रात तक प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
परिवार खुद नदी में उतरा, जान जोखिम में……
प्रशासन की निष्क्रियता से टूटे परिजन आखिरकार रात करीब 11:30 बजे खुद ही नदी में उतरकर बच्चे को खोजने को मजबूर हो गए। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग भावुक हो उठे। परिजनों की यह कोशिश न केवल दर्दनाक है, बल्कि उनकी जान के लिए भी गंभीर खतरा बन गई।
मानवता पर सवाल…….
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि मानवता और प्रशासनिक जिम्मेदारी की गंभीर विफलता है। हर गुजरता मिनट मासूम की जान के लिए घातक साबित हो सकता है, ऐसे में तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाना चाहिए था।
लोगों ने मांग की है कि प्रशासन बिना देरी किए एनडीआरएफ/एसडीआरएफ या प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से सघन खोज अभियान चलाए और दोषी अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए।
फिलहाल देर रात तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका है और पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।