जमशेदपुर/चाईबासा : नगर निकाय चुनाव से पहले चाईबासा में भाजपा की अंदरूनी कलह खुलकर सड़क पर आ गई है। नाराज़ भाजपाई नेता देवी शंकर दत्ता उर्फ काबू दत्ता ने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए विरोध के सुर और तेज कर दिए हैं।
देवी शंकर दत्ता ने बताया कि उन्हें अनूप सुल्तानिया के कार्यालय में बातचीत के लिए बुलाया गया था। इस बैठक में पूर्व सांसद, पूर्व जिला अध्यक्ष, वर्तमान जिला अध्यक्ष हेमंत केसरी और झारखंड के पूर्व मंत्री बड़कुमार गगराई (कोडरमा से आए नेता) मौजूद थे।
“मैं चुनाव लड़ रहा हूं—अगर चिंता है तो फैसला साफ कीजिए”……
काबू दत्ता ने साफ शब्दों में कहा—
“मैंने सबके सामने कह दिया कि मैं चुनाव लड़ रहा हूं। अगर आपको मेरी उम्मीदवारी को लेकर इतनी चिंता हो रही है, तो एक काम कीजिए— लड्डू खिरवार को बैठा दीजिए और भाजपा का ही कोई योग्य उम्मीदवार मैदान में उतार दीजिए।”
“चुनाव के समय हिंदुत्व याद आता है”……
उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर सीधा प्रहार करते हुए कहा—
“आज हमें हिंदुत्व का सपना दिखाया जा रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि चुनाव आते ही लोगों को हिंदुत्व की याद आती है, बाकी समय कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं होती।”
पीछे हटने के मूड में नहीं काबू दत्ता…….
देवी शंकर दत्ता उर्फ काबू दत्ता ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर पार्टी को सच में चिंता है, तो बाहर से लाए गए चेहरों पर भरोसा छोड़कर पार्टी के अंदर से उम्मीदवार तय करे।
भाजपा नेतृत्व के लिए बढ़ी मुश्किलें……..
लगातार सामने आ रहे बयान और खुला विरोध इस बात के संकेत हैं कि भाजपा में असंतोष अब दबा नहीं रहा। नगर निकाय चुनाव से पहले यह बग़ावत पार्टी की रणनीति पर भारी पड़ सकती है. अब सबकी नजर इस पर है कि भाजपा नेतृत्व इस चुनौती से कैसे निपटता है— मनाने की कोशिश या फिर टकराव की तैयारी?
