चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अंचल अंतर्गत कपाली ओपी क्षेत्र के मौजा रुगड़ी में जमीन विवाद अब गंभीर मोड़ लेता नजर आ रहा है। पीड़ित पक्ष ने कपाली ओपी प्रभारी पर कानून के भय का सहारा लेकर अवैध रूप से धन की मांग करने तथा मांग पूरी नहीं होने पर प्रशासनिक दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले से आहत पीड़ितों ने निष्पक्ष जांच और न्याय की आस में जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

पीड़ितों द्वारा उपायुक्त सरायकेला-खरसावां को सौंपे गए लिखित आवेदन में बताया गया है कि मौजा रुगड़ी स्थित खाता संख्या 219, प्लॉट संख्या 125, कुल रकबा लगभग 1.60 एकड़ भूमि पर उनका वैध और हिस्सेदारी आधारित दावा है। इसी भूमि पर चारदीवारी निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान कपाली ओपी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य जारी रखने के एवज में ओपी प्रभारी द्वारा पैसों की मांग की गई, जिसे बबलू तोड़ा नामक व्यक्ति ने मानने से इंकार कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि अवैध मांग पूरी नहीं होने पर दबाव बनाने की नीयत से अनुमंडल कार्यालय के माध्यम से निर्माण कार्य पर रोक संबंधी सूचना जारी करवाई गई, जिससे उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि उक्त भूमि पर उनका पारिवारिक स्वामित्व वर्षों पुराना है और इस संबंध में न तो कोई न्यायालयीन मामला लंबित है और न ही कोई प्रशासनिक विवाद। इसके बावजूद पुलिसिया हस्तक्षेप को वे अपने अधिकारों का हनन मानते हैं, जिससे कानून व्यवस्था की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि स्थानीय स्तर पर कई बार गुहार लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका, जिसके बाद मजबूर होकर जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया गया। पीड़ितों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा आरोप सत्य पाए जाने पर संबंधित पुलिस पदाधिकारी के विरुद्ध कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर आरोप को किस स्तर पर लेता है और पीड़ितों को न्याय कब तक मिल पाता है।
