जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक और जदयू के कद्दावर नेता सरयू राय ने मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर बड़ा और सधा हुआ सियासी संदेश दिया है। बिष्टुपुर स्थित अपने आवास-सह-कार्यालय में जदयू के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए सरयू राय ने साफ कहा कि मानगो का चुनाव सत्ता नहीं, विकास के लिए होना चाहिए।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “मानगो की संरचना ऐसी है जहां एक ओर हिंदू और दूसरी ओर मुस्लिम आबादी रहती है। ऐसे में यह चुनाव भाईचारे और आपसी सौहार्द का इम्तिहान है, न कि नफरत की राजनीति का।”
सरयू राय ने स्पष्ट किया कि मानगो नगर निगम चुनाव का झारखंड सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इसका सीधा असर मानगो के भविष्य पर जरूर पड़ेगा। इसलिए मतदाताओं को ठंडे दिमाग से सिर्फ यह सोचना चाहिए कि मानगो को और बेहतर कैसे बनाया जाए।
NDA उम्मीदवार को समर्थन क्यों ?…….
विधायक सरयू राय ने कहा कि एनडीए समर्थित मेयर प्रत्याशी एक स्थानीय महिला हैं, जो मानगो की जमीन, समस्याओं और जरूरतों से भली-भांति परिचित हैं। “मानगो की समस्याओं को वही बेहतर समझ सकती हैं, जो यहीं की हों,” — सरयू राय
2005 की पीड़ा से विकास तक की कहानी…….
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए सरयू राय भावुक भी दिखे। उन्होंने बताया कि 2005 में पहली बार विधायक बनने पर उन्होंने देखा था कि मानगो में बच्चे, जवान और बुजुर्ग पानी के लिए लाइन में खड़े रहते थे. यही दृश्य उनके मन में बस गया और उन्होंने मानगो के लिए पेयजल परियोजना लाने का संकल्प लिया. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बीते पांच वर्षों में परियोजना की रफ्तार थम गई, इंटेकवेल में बालू जम गई, सफाई तक नहीं हुई और कई जगह टंकियां बनकर सिर्फ शोपीस बन गईं।
बिजली, सड़क और हाईवे पर संघर्ष की दास्तान……
सरयू राय ने बताया कि मानगो में कभी बिजली की हालत इतनी खराब थी कि लोग गर्मियों में घर छोड़कर बाहर रात गुजारते थे। बालीगुमा में पावरग्रिड की स्थापना उनके प्रयासों का नतीजा है। नेशनल हाईवे को लेकर उन्होंने कहा कि जमशेदपुर से रांची जाने में कभी 5 घंटे लगते थे। “हमने आंदोलन किया, मुकदमे झेले, दो साल तक लड़ाई लड़ी, तब जाकर हाईवे बना और आज फ्लाईओवर बन रहा है।”
मेधा डेयरी का मुद्दा भी उठाया……..
सरयू राय ने कहा कि कृषि फार्म की जमीन पर मेधा डेयरी प्लांट लगाने का सपना था, लेकिन पांच साल विधायक नहीं रहने के कारण अब वह सरायकेला शिफ्ट हो रहा है — जो मानगो के लिए बड़ा नुकसान है।
सफाई व्यवस्था पर सीधा हमला…….
उन्होंने मानगो की सफाई व्यवस्था पर करारा प्रहार करते हुए कहा — “यहां लोग अपनी पसंद के ठेकेदार बनवा लेते हैं, जो काम ही नहीं करते। नतीजा — गंदगी का अंबार।”
सरयू राय ने बेहद तीखे शब्दों में कहा…….
“ये न हो कि कोई विधायक भी बने, मंत्री भी बने और मेयरपति भी। स्थानीय लोगों के लिए भी जगह होनी चाहिए।” उन्होंने साफ कहा कि मानगो का चुनाव विधानसभा चुनाव नहीं है, यह रोजमर्रा की समस्याओं — सड़क, पानी, बिजली, सफाई और शिक्षा — से जुड़ा चुनाव है।
अंत में अपील………
सरयू राय ने मानगोवासियों से अपील की कि “दलीय चश्मा उतारकर, सोच-समझकर और मिल-जुलकर फैसला लें। यह चुनाव किसी पार्टी की तानाशाही के लिए नहीं, मानगो के उज्ज्वल भविष्य के लिए है।”
